क्षमा करें श्रीमान खन्ना, बच्चा तुम्हारा नहीं है। जन्मदिन की पार्टी का माहौल एकदम से बदल जाता है जब एक बुजुर्ग आदमी गुस्से में शैंपेन फेंक देता है। युवक और युवती के बीच की तनावपूर्ण बातचीत और फिर घर पर झगड़ा देखकर लगता है कि कहानी में बहुत गहराई है। हर किरदार के चेहरे के भाव बहुत सटीक हैं और दर्शक को बांधे रखते हैं। यह फिल्म सच में दिलचस्प है।