इस दृश्य में तनाव इतना गहरा है कि सांस लेना भी मुश्किल लगता है। महिला का शांत रहना और पुरुष का गुस्सा, दोनों के बीच की दूरी साफ दिखती है। जैसे ही वह आईने में देखती है, लगता है कि वह अपने अंदर की लड़ाई लड़ रही है। सॉरी मिस्टर खन्ना, बच्चा तुम्हारा नहीं जैसे ड्रामे में ऐसे सीन देखकर दिल धड़कने लगता है। हर नज़ारा, हर चुप्पी एक कहानी कहती है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन देखना सच में अलग अनुभव है।