इस दृश्य में तनाव और भावनाओं का मिश्रण देखने लायक है। पुरुष पात्र कार्यालय में गंभीर मुद्रा में बात कर रहा है, जबकि महिला पात्र बाहर घबराहट और आश्चर्य के बीच फोन संभाल रही है। चेहरे के हाव-भाव और आँखों की चमक से लगता है कि कोई बड़ा खुलासा होने वाला है। क्षमा करें श्री खन्ना, बच्चा तुम्हारा नहीं जैसे नाटकीय मोड़ की झलक इसी कॉल में छुपी लगती है। दोस्त का साथ और फोन स्क्रीन पर दिखा नाम यू लूशेन कहानी को और भी रोचक बना देता है।