इस दृश्य में तनाव की जो लहर है, वह सचमुच रोंगटे खड़े कर देती है। एक तरफ शादी की खूबसूरत यादें फ्रेम में कैद हैं, तो दूसरी तरफ फोन की स्क्रीन पर धोखे के सबूत चमक रहे हैं। नायिका का चेहरा पढ़ना मुश्किल है, क्या वह टूट रही है या बदला लेने की योजना बना रही है? सॉरी मिस्टर खन्ना, बच्चा तुम्हारा नहीं जैसे ड्रामे में अक्सर यही मोड़ कहानी को नया रंग देता है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन देखकर लगता है कि असली जिंदगी के ड्रामे से कम नहीं है यह सब।