लाल फेरारी और काली बेंटली का सामना देखकर ही समझ आ गया कि ये आम मुलाकात नहीं है। जब वो कार से उतरी तो उसकी आँखों में वो पुरानी चमक नहीं थी, बस एक ठंडापन था। उसने उसे गले लगाया, पर उसका चेहरा बता रहा था कि दिल अभी भी दूर है। सॉरी मिस्टर खन्ना, बच्चा तुम्हारा नहीं वाला मोड़ आने वाला है, ये डायलॉग हवा में तैर रहा है। बच्चे की मासूमियत और बड़ों का जटिल रिश्ता देखकर दिल दहल गया। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे इमोशनल ड्रामे देखना सुकून देता है।