इस दृश्य में जब वह उसे गोद में उठाकर कमरे में लाता है, तो लगता है जैसे समय थम गया हो। सॉरी मिस्टर खन्ना, बच्चा तुम्हारा नहीं की यह कहानी सिर्फ रोमांस नहीं, बल्कि एक गहरी भावनात्मक जुड़ाव की दास्तान है। जब वह उसे कंबल ओढ़ाता है और खाना खिलाता है, तो आंखों में छिपी चिंता साफ दिखती है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे दृश्य देखकर दिल पिघल जाता है। हर एक्शन में इतना प्यार और केयर है कि दर्शक भी उस पल का हिस्सा बन जाता है।