इस दृश्य में तनाव इतना गहरा है कि सांस लेना मुश्किल हो जाता है। जब वह महिला लाल फेरारी में बैठकर चली जाती है, तो पीछे खड़े पुरुष की आंखों में बेबसी साफ दिख रही है। दूसरी महिला का उसे पकड़ना और समझाना दिखाता है कि रिश्तों में कितनी जटिलताएं होती हैं। सॉरी मिस्टर खन्ना, बच्चा तुम्हारा नहीं जैसे ड्रामाई मोड़ इस कहानी को और भी रोचक बना देते हैं। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे इमोशनल सीन्स देखना वाकई दिलचस्प अनुभव है।