लोगन का मास्क उतरने वाला दृश्य बहुत ही नाटकीय था। उसकी मुस्कुराहट ने सबको डरा दिया। विक की आँखों में गुस्सा साफ़ दिख रहा था। जब उसने लाल बटन दबाया, तब लगा कि अब सब खत्म होगा। मैं आखरी सेवियर हूं में ऐसे मोड़ उम्मीद नहीं किए थे। राक्षस का निकलना बिल्कुल अप्रत्याशित था और दृश्य प्रभाव भी काफी अच्छे लगे। दर्शक इसकी प्रशंसा करेंगे।
भूरे बालों वाली महिला का रोना दिल को छू गया। उसकी लाचारी साफ़ दिख रही थी जब लोगन ने उससे चुनौती दी। विक ने उसे बचाने की कोशिश की पर स्थिति नियंत्रण से बाहर थी। टैंक जैसा वाहन बहुत धमकी भरा लग रहा था। कहानी में तनाव बढ़ने का यह सही तरीका है। अंत में जो राक्षस आए वो काफी भयानक थे। यह पल यादगार बन गया।
औद्योगिक क्षेत्र का सेटिंग बहुत ही अंधेरा और कठोर है। बादलों का रंग भी मूड के हिसाब से बदल गया। लोगन का किरदार खलनायक जैसा ही उपयुक्त है। उसकी आँखों में आत्मविश्वास था। जब उसने तलवार की तरफ इशारा किया तो लगा कि अब लड़ाई शुरू होगी। मैं आखरी सेवियर हूं की कहानी काफी रोचक लग रही है मुझे। सेट डिजाइन बहुत प्रभावशाली है।
विक और सुनहरे बालों वाली महिला के बीच का संबंध अच्छा लगा। वह उसे बचाने की कोशिश कर रहा था। लेकिन लोगन के आगे सबकी शक्ति कम पड़ रही थी। बटन दबाते ही ज़मीन फटने वाला दृश्य बहुत प्रभावशाली था। राक्षसों का रूप काफी विस्तृत था। यह लघु फिल्म नहीं लगती बल्कि एक बड़ी फिल्म का हिस्सा लगती है। निर्माण स्तर ऊंचा है।
शुरुआत में जो आदमी कोट पहन कर था वो कौन था? उसका गुस्सा असली लग रहा था। फिर लोगन का प्रवेश हुआ और सब बदल गया। मास्क पहनने वाला खलनायक हमेशा रहस्यमयी होता है। जब उसने मास्क उतारा तो पहचान खुल गई। मैं आखरी सेवियर हूं में ऐसे खुलासे बार बार देखने को मिलते हैं जो पसंद आते हैं। कहानी में गहराई है।
लड़ाई दृश्यों की समयबद्धता बहुत सही है। हर पल में तनाव बना हुआ था। जब तीन राक्षस एक साथ बाहर आए तो दृश्य भव्य लग रहा था। रक्षकों के कपड़े और हथियार भी काफी वास्तविक लगे। विक का भाव दृढ़ संकल्प वाला था। यह देख कर मज़ा आ गया कि कैसे वो लड़ने के लिए तैयार हुए। कोरियोग्राफी शानदार है।
लोगन का परिचय ही अलग था। वह टैंकर के ऊपर खड़ा होकर सबको आदेश दे रहा था। उसकी आवाज़ में अधिकार था। भूरे बालों वाली महिला का गिरना और रोना भावुक पल था। उसने हाथ से मुँह छुपा लिया था जो दिखाता है कि वो टूट चुकी थी। कहानी में यह भावनात्मक गहराई बहुत ज़रूरी होती है। अभिनय बहुत अच्छा है।
लाल बटन वाला दृश्य पुरानी खलनायक चाल था। उसने बिना सोचे समझे सब कुछ नष्ट करने का फैसला किया। ज़मीन से निकलने वाले जीव काफी खतरनाक लग रहे थे। रक्षकों के पास अब क्या विकल्प बचा है यह देखने की उत्सुकता है। मैं आखरी सेवियर हूं का अगला भाग कब आएगा इंतज़ार रहेगा। क्लिफहैंगर बहुत तगड़ा है।
दृश्य गुणवत्ता इस स्तर की नहीं लगती। रोशनी और परछाइयों का उपयोग बहुत अच्छा है। जब लोगन ने मुस्कुराया तो पृष्ठभूमि का संगीत भी बदला होगा। विक ने तलवार निकाला जो दिखाता है कि वो हार नहीं मानेगा। यह आमने सामने का दृश्य बहुत ही तीव्र था और दर्शकों को बांध कर रखता है। तकनीक बेहतरीन है।
अंत में जो दृश्य था वह हैरान करने वाले अंत से कम नहीं था। तीन बड़े राक्षस और सामने तीन लोग। लड़ाई का संतुलन बिल्कुल बिगड़ गया है। लोगन की जीत स्पष्ट दिख रही थी पर नायकों ने हिम्मत नहीं हारी। ऐसे अंत ही दर्शकों को अगले भाग के लिए मजबूर करते हैं। कहानी में दम है और मारधाड़ भी ज़बरदस्त है।
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