तलवार वाली लड़ाई का दृश्य बहुत जबरदस्त था। ज़ोंबी को काटते हुए देखकर रोंगटे खड़े हो गए। मैं अंतिम रक्षक हूं में लड़ाई का स्तर बहुत ऊंचा है। काले कपड़ों वाला योद्धा अकेले ही सब पर भारी पड़ रहा है। काश ऐसे नायक हमारे बीच होते। उसकी चलने का ढंग भी बहुत खतरनाक लग रहा था।
दाढ़ी वाले सैनिक ने घायल लड़कियों के साथ जो किया वो दिल तोड़ने वाला था। विश्वासघात की यह कथा चौंका देती है। मैं अंतिम रक्षक हूं में हर मोड़ पर नया झटका मिलता है। क्या वह सच में बुरा है या कोई मजबूरी थी? देखकर गुस्सा आ रहा है। उसकी हंसी बहुत डरावनी लग रही थी।
काले चमड़े का कोट पहने व्यक्ति बहुत रहस्यमयी लग रहा था। ज़ोंबी की पीठ पर पैर रखकर उसने ताकत दिखाई। मैं अंतिम रक्षक हूं का यह पात्र सबसे अलग है। उसकी आंखों में एक अजीब सी चमक थी जो खतरनाक लग रही थी। वह वाहन से उतरा तो सब चुप हो गए।
जख्मी लड़कियों की चीख सुनकर बहुत बुरा लगा। उनकी आंखों में दर्द साफ दिख रहा था। मैं अंतिम रक्षक हूं में भावनात्मक दृश्य बहुत गहरे हैं। कैसे कोई इतना निर्दयी हो सकता है यह समझ से परे है। बचाने वाला कोई नहीं दिख रहा। खून देखकर घबराहट हुई।
शुरू में लगा सैनिक अच्छे हैं पर बाद में पता चला वे ही दुश्मन निकले। मैं अंतिम रक्षक हूं की कथा में यह मोड़ सबसे बेहतरीन है। कौन किसका साथ देगा यह कहना मुश्किल है। हर कोई अपने फायदे के लिए लड़ रहा है लगता है। भरोसा करना मुश्किल हो गया।
शहर के खंडहर और वीरान सड़कें बहुत असली लग रही थीं। रूपरंग और सजावट पर बहुत मेहनत की गई है। मैं अंतिम रक्षक हूं का दृश्य अनुभव शानदार है। ज़ोंबी की बनावट भी काफी डरावनी बनाई गई है। देखते ही डर लग रहा था। माहौल बहुत सुनासान था।
कोट वाले और सैनिक के बीच की तनावपूर्ण स्थिति देखने लायक थी। कौन असली मालिक है यह स्पष्ट नहीं था। मैं अंतिम रक्षक हूं में सत्ता संघर्ष बहुत दिलचस्प है। दोनों की चुप्पी में बहुत शोर छिपा हुआ था। आगे क्या होगा जानना चाहती हूं। राज खुलने वाले हैं।
कथा की रफ़्तार बहुत तेज थी। एक पल भी बोरियत नहीं हुई। मैं अंतिम रक्षक हूं में हर दृश्य में कुछ नया होता है। ज़ोंबी का हमला और फिर धोखा सब कुछ बहुत तेजी से हुआ। सांस लेने का भी मौका नहीं मिला दर्शकों को। जोश बना रहा।
बड़ा वाला ज़ोंबी देखकर तो डर ही गया। उसकी ताकत के आगे सब फीके लग रहे थे। मैं अंतिम रक्षक हूं में खलनायक सिर्फ इंसान नहीं हैं। प्रकृति भी इंसानों के खिलाफ लग रही थी इस वक्त। बचाना नामुमकिन सा लग रहा था सबको। मौत सामने खड़ी थी।
कुल मिलाकर यह कथा बहुत प्रभावशाली है। अगली कड़ी कब आएगी इसका इंतज़ार रहेगा। मैं अंतिम रक्षक हूं को जरूर देखना चाहिए। ऐसी कहानियां कम ही देखने को मिलती हैं जो दिल पर असर छोड़ जाएं। साथियों को सलाह दूंगी इसे देखने की। बहुत पसंद आया।
इस एपिसोड की समीक्षा
नवीनतम