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Main Akhri Savior Hoon

Hidden War Lord Victor 18 saal baad M City aata hai aur ek jhoothe abortion paper ki wajah se alag hui apni patni Daisy aur beti Lily se milta hai. Zombie attack ke beech, usey dhoke aur Logan ki army ka samna karna padta hai taaki wo Odin ko hara sake. Jhooth ka parda-faash karke wo apne parivaar se milta hai, par usey zombie kaat leta hai. Wo khud cure banata hai, ek naya alliance khada karta hai aur poori duniya ko bacha kar apni khushi dhoodh leta hai.
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इस एपिसोड की समीक्षा

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शुरुआत ही से रोंगटे

शुरुआत ही से रोंगटे खड़े कर देने वाला सीन है। हेलीकॉप्टर से जलते शहर को देखना किसी डरावने सपने जैसा लगता है। धुएं और आग के बीच उम्मीद की किरण ढूंढना मुश्किल है। मैं आखिरी सेवियर हूँ में ऐसे सीन्स बार-बार दिल दहला देते हैं। पात्रों की आंखों में डर साफ दिख रहा था। यह एपिसोड बहुत ही रोमांचक था और दर्शकों को बांधे रखता है। एनिमेशन की क्वालिटी भी काफी अच्छी लगी। मुझे यह शैली बहुत पसंद आई।

ज़ोंबी का हमला

जब ज़ोंबी हेलीकॉप्टर के दरवाजे पर आया तो सांसें रुक गईं। प्रोटागोनिस्ट ने बिना एक पल गंवाए वार किया। उसके हाथ में वो सुनहरी चाकू किसी खजाने से कम नहीं लग रही थी। मैं आखिरी सेवियर हूँ की एक्शन कोरियोग्राफी कमाल की है। खून के छींटे और तेज मूवमेंट्स ने सीन को और भी यथार्थवादी बना दिया। मैं हैरान हूं कि उसने इतनी ठंडक कैसे बनाए रखी। सच में बहुत बढ़िया था।

कर्नल का जलवा

कर्नल एवरसन का किरदार बहुत प्रभावशाली है। उसके चेहरे पर कोई डर नहीं, बस एक अजीब सी शांति है। जब वह जलते शहर को देख रहा था, तो लगा जैसे वह सब कुछ देख चुका हो। मैं आखिरी सेवियर हूँ में उसकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण लगती है। उसकी वर्दी पर लिखा ईयोन गार्ड उसे एक अलग पहचान देता है। वह अकेले ही पूरी भीड़ से लड़ने को तैयार है। उसका कॉन्फिडेंस देखने लायक है।

डर की असली तस्वीर

उस युवती का डर जो वार्सिटी जैकेट पहने थी, बहुत असली लगा। वह खिड़की से बाहर देख रही थी और नीचे हजारों ज़ोंबी थे। उसकी आंखों में बेचैनी साफ झलक रही थी। मैं आखिरी सेवियर हूँ में भावनात्मक पल भी बहुत अच्छे से दिखाए गए हैं। सुरक्षित होने के बावजूद वह सहमी हुई थी। यह दिखाता है कि खतरा कितना बड़ा है। इसने कहानी को गहराई दी।

जलता हुआ शहर

जलते शहर का नज़ारा किसी प्रलय से कम नहीं था। हर तरफ आग और धुएं के गुबार थे। सड़कों पर भागते लोग और ज़ोंबी का हुजूम देखकर रोंगटे खड़े हो गए। मैं आखिरी सेवियर हूँ का दृश्य शैली बहुत ही गहरा और डार्क है। यह दृश्य बताता है कि दुनिया कितनी तेजी से बदल गई है। बचाव मिशन अब और भी मुश्किल हो गया है। परिस्थितियां बहुत कठिन हैं।

सल्यूट का पल

सैनिक का सल्यूट करते हुए सीन बहुत भावुक कर देने वाला था। उसे पता था कि यह आखिरी बार हो सकता है। प्रोटागोनिस्ट ने चाकू पकड़े हुए था और दोनों के बीच बातचीत बिना शब्दों के हो रही थी। मैं आखिरी सेवियर हूँ में ऐसे रिश्ते बहुत गहरे दिखाए गए हैं। सम्मान और कर्तव्य की भावना हर पल झलकती है। यह सीन दिल को छू गया। बहुत ही यादगार पल था।

खूबसूरत हथियार

चाकू की डिजाइन बहुत ही अनोखी थी। हैंडल पर ड्रैगन की नक्काशी थी और ब्लेड पर खून की बूंदें टपक रही थीं। यह हथियार सिर्फ मारने के लिए नहीं, किसी शक्ति का प्रतीक लग रहा था। मैं आखिरी सेवियर हूँ में हथियारों पर भी खास ध्यान दिया गया है। जब उसने ज़ोंबी का सिर काटा, तो आवाज तक महसूस हुई। एक्शन सीन्स बहुत संतोषजनक हैं। डिटेल्स पर ध्यान दिया गया।

टीम का संघर्ष

हेलीकॉप्टर के अंदर का माहौल बहुत तनावपूर्ण था। लाल बत्तियां जल रही थीं और हर कोई सतर्क था। सहयोगी सैनिक भी अपनी जगह पर तैयार खड़ी थी। मैं आखिरी सेवियर हूँ में टीम वर्क को बहुत अच्छे से दिखाया गया है। हर किसी की अपनी जिम्मेदारी है। जब बाहर दुनिया जल रही हो, तो अंदर का संघर्ष और भी कठिन हो जाता है। माहौल बहुत गहरा था।

रात का नज़ारा

रात का समय और ऊपर से दिखता विनाश बहुत ही सिनेमैटिक था। चांदनी में आग की लपटें और भी डरावनी लग रही थीं। मैं आखिरी सेवियर हूँ की सिनेमेटोग्राफी बहुत प्रशंसनीय है। कैमरा एंगल्स ने हर सीन को ड्रामेटिक बना दिया। जब हीरो खिड़की से बाहर देखता है, तो लगता है वह अगली रणनीति बना रहा है। यह शो देखने लायक है। नज़ारा बहुत शानदार था।

शानदार एपिसोड

कुल मिलाकर यह एपिसोड बहुत ही रोमांचक था। हर पल कुछ नया होता है और क्लिफहैंगर बना रहता है। मैं आखिरी सेवियर हूँ ने ज़ोंबी एपोकैलिप्स को एक नया आयाम दिया है। पात्रों की गहराई और कहानी की रफ्तार बहुत संतुलित है। नेटशॉर्ट ऐप पर इसे देखना एक अलग ही अनुभव है। मैं अगले एपिसोड का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं। सभी को देखना चाहिए।