जब सैनिक ने उस ज़ोंबी को हराया तो पूरा स्टेडियम सन्न रह गया। खून से सना रेत और चीखते हुए दर्शक, सब कुछ इतना वास्तविक लगा। मैं आखिरी रक्षक हूँ में एक्शन सीन्स बहुत तेज़ हैं। एनाउंसर का डर साफ़ दिख रहा था। मुझे यह डार्क एटमॉस्फियर बहुत पसंद आया। क्या यह सैनिक वाकई अकेला है? आगे क्या होगा देखना बाकी है। यह दृश्य बहुत यादगार बन गया।
दर्शकों की प्रतिक्रिया देखकर रोंगटे खड़े हो गए। कुछ डरे हुए थे तो कुछ पागलों की तरह चिल्ला रहे थे। उस लड़की की आँखों में आँसू और खुशी दोनों थे। मैं आखिरी रक्षक हूँ की कहानी में इमोशनल लेयर बहुत गहरी है। जब वह लड़की चीखी तो लगा जैसे जीत गई हो। जेल वाले सीन में टेंशन और बढ़ गई। मुझे यह भावनात्मक पल बहुत प्रभावित करता है।
मार्टिन जो वुल्फ बेस का लीडर है, उसकी चालें बहुत खतरनाक लग रही हैं। वह ऊपर से सब देख रहा था और मुस्कुरा रहा था। मैं आखिरी रक्षक हूँ में विलेन का किरदार बहुत मज़बूत है। जब उसने सैनिक से जेल में बात की तो लगा कोई बड़ी साजिश चल रही है। मुझे यह राजनीति पसंद आ रही है। उनकी आँखों में चमक देखकर डर लग रहा था। यह शो धीरे-धीरे राज खोल रहा है।
एरेना से सीधे जेल के अंधेरे गलियारे में जाना बहुत अचानक लगा। सैनिक को गार्ड्स के बीच चलना पड़ा। कैदियों के चेहरे पर डर साफ़ था। मैं आखिरी रक्षक हूँ का सेट डिज़ाइन कमाल का है। पत्थर की दीवारें और नमी वाली हवा महसूस हुई। मार्टिन वहाँ क्यों मिला? यह मिलना शुभ नहीं लग रहा। माहौल में सन्नाटा छाया हुआ था। क्या यह कोई नई साजिश है?
बैंगनी सूट वाले एनाउंसर का पसीना देखकर हंसी आई। उसे लगा सब खत्म हो गया। मैं आखिरी रक्षक हूँ में हर किरदार का रिएक्शन परफेक्ट है। उसकी आवाज़ कांप रही थी जब सैनिक खड़ा रहा। यह छोटे-छोटे डीटेल्स शो को बेहतर बनाते हैं। मुझे यह ड्रामा बहुत पसंद आ रहा है। उसकी घबराहट असली लग रही थी। दर्शकों को यह पसंद आया। यह पल बहुत यादगार था।
वह सैनिक बिना कुछ बोले खड़ा रहा। उसकी आँखों में कोई डर नहीं था। मैं आखिरी रक्षक हूँ का हीरो बहुत रहस्यमयी है। जब उसने मार्टिन की बात सुनी तो बस मुस्कुराया। यह चुप्पी शोर से ज़्यादा डरावनी थी। मुझे उसका अतीत जानना है। वह कौन है और क्यों लड़ रहा है? उसकी आँखों में एक अलग ही चमक थी। शायद वह कुछ छिपा रहा है। यह रहस्य सुलझाना मुश्किल है।
वुल्फ बेस क्या है? यह जगह बहुत संदिग्ध लग रही है। मार्टिन और बूढ़े व्यक्ति की बातचीत से लगा कोई बड़ा खेल चल रहा है। मैं आखिरी रक्षक हूँ की वर्ल्ड बिल्डिंग धीरे-धीरे खुल रही है। मुझे यह पज़ल सुलझाना अच्छा लग रहा है। क्या सैनिक भी इसका हिस्सा है या शिकार? हर मोड़ पर नया सवाल खड़ा हो रहा है। कहानी बहुत गहरी होती जा रही है।
उस लड़की ने जब जीत का जश्न मनाया तो सब हैरान थे। वह रो भी रही थी और खुश भी थी। मैं आखिरी रक्षक हूँ में महिला किरदारों को अच्छे से दिखाया गया है। बाद में जब उसे पकड़ा गया तो दिल दुखी हो गया। यह उतार-चढ़ाव कहानी को रोचक बनाता है। आगे उसका क्या होगा? उसकी भावनाएं बहुत सच्ची लग रही थीं। दर्शक उससे जुड़ गए हैं।
वह राक्षस जिसके हाथों में चेनसॉ थे, बहुत खतरनाक लग रहा था। फिर भी सैनिक ने उसे हरा दिया। मैं आखिरी रक्षक हूँ के विजुअल इफेक्ट्स शानदार हैं। खून और हड्डियों की आवाज़ें रोंगटे खड़ी करती हैं। यह एक्शन बॉलीवुड से हटकर है। मुझे यह वायोलेंस थोड़ा ज़्यादा लगा पर मज़ा आया। लड़ाई का कोरियोग्राफी बहुत अच्छा था। यह दृश्य लंबे समय तक याद रहेगा।
यह तो बस शुरुआत लग रही है। सैनिक जेल में है पर खतरा टला नहीं है। मैं आखिरी रक्षक हूँ का क्लिफहैंगर बहुत तगड़ा था। मार्टिन की मुस्कान में छिपा खतरा साफ़ दिख रहा था। मैं अगला एपिसोड देखने के लिए बेताब हूँ। यह शो निराश नहीं करता। सबको देखना चाहिए। कहानी में बहुत ट्विस्ट हैं। हर एपिसोड नई उम्मीद देता है।
इस एपिसोड की समीक्षा
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