जेल के अंधेरे कोने में वो दृश्य बहुत भारी था। जब वर्दी वाले ने अपने पैर तले उसे कुचला, तो दर्द साफ झलक रहा था। आँखों में आँसू और चीखें किसी को भी झकझोर दें। मैं आखरी सेवियर हूं में ऐसे दृश्य हिम्मत मांगते हैं। नायक की आँखों में गुस्सा नहीं, बस ठंडा इरादा था। क्या ये बदला होगा या कोई मजबूरी? पीछे बैठे कैदियों की खामोशी भी कहानी कह रही थी। माहौल बहुत तनावपूर्ण बना हुआ था। दर्शक भी सहम गए थे।
रंगभूमि में जब भीड़ चिल्ला रही थी, तो लगा जैसे युद्ध शुरू हो गया हो। झंडे लहर रहे थे और हर कोई जीत की उम्मीद लगा रहा था। मैं आखरी सेवियर हूं का ये हिस्सा काफी रोमांचक लगा। सट्टेबाजी का खेल भी दिलचस्प था। जब सिक्के हवा में उड़े, तो लालच साफ दिखा। लड़की ने हुडी पहनकर सट्टा लगाया, वो कौन थी? नायक का प्रवेश किसी तूफान से कम नहीं था। सबकी नजरें उसी पर थीं। जोश बहुत था।
चेनसॉ वाले राक्षस को देखकर रोंगटे खड़े हो गए। उसकी आँखें लाल थीं और शरीर पर घाव के निशान थे। मैं आखरी सेवियर हूं में खलनायक की बनावट बहुत डरावनी है। वो बिना डरे रंगभूमि में घुसा। नायक के पास कोई हथियार नहीं था, फिर भी वो आगे बढ़ा। ये हिम्मत कहाँ से आ रही है? दर्शकों की सीटियां गूंज रही थीं। हर पल मौत का साया था। जानलेवा खेल शुरू हो चुका था। डर लग रहा था।
सट्टेबाज की खुशी देखकर लगा जैसे उसे जीत पक्की लग रही हो। सिक्कों का ढेर देखकर लालच साफ झलक रहा था। मैं आखरी सेवियर हूं में ये जुए का खेल खतरनाक है। लाल शर्ट वाले ने सारे पैसे लगा दिए। क्या उसे पता है कि मौत सामने खड़ी है? भीड़ का शोर कानों में गूंज रहा था। हर कोई किसी के हाथों मरना चाहता था। ये दुनिया कितनी क्रूर है। पैसे के लिए सब कुछ। सच में अजीब है।
नायक के चेहरे पर कोई डर नहीं था। जेल से लेकर रंगभूमि तक, वो बस शांत खड़ा रहा। मैं आखरी सेवियर हूं में उसका किरदार बहुत रहस्यमयी है। उसकी वर्दी फटी हुई थी, पर इरादे मजबूत थे। जब वो गेट से बाहर आया, तो रोशनी उस पर पड़ी। लगा जैसे कोई देवता उतरा हो। भीड़ की सांसें थम गई थीं। क्या वो सच में सबको बचा पाएगा? उसकी आँखों में चमक थी। सब हैरान थे।
हुडी वाली लड़की का अंदाज बहुत अलग था। उसने बिना कुछ कहे सट्टा लगा दिया। मैं आखरी सेवियर हूं में ये किरदार काफी दिलचस्प लगा। उसकी आँखों में चमक थी। शायद वो नायक को जानती थी। सिक्कों की आवाज से माहौल गर्म हो गया। भीड़ में से कुछ उसे देख रहे थे। क्या वो कोई खास है? कहानी में ये मोड़ बहुत जरूरी था। उसका साहस देखकर हैरानी हुई। बहुत अच्छा लगा।
जमीन पर गिरा हुआ व्यक्ति रो रहा था। उसके चेहरे पर दर्द और लाचारी साफ थी। मैं आखरी सेवियर हूं में ये कमजोरी की निशानी थी। नायक ने उसे छोड़ दिया, पर डर बना रहा। पत्थर की दीवारें गवाह बन रही थीं। हर बूंद पसीने की कहानी कह रही थी। ये सिर्फ लड़ाई नहीं, जजीरों से आजादी की जंग है। माहौल बहुत भारी था। हर कोई डरा हुआ था। सच में बुरा हाल था।
रंगभूमि की रोशनी बहुत तेज थी। ऊपर से सूरज की किरणें सीधे रेत पर पड़ रही थीं। मैं आखरी सेवियर हूं का सेट बहुत भव्य है। भीड़ के शोर से कान पक रहे थे। राक्षस और इंसान के बीच का ये खेल अन्यायपूर्ण लग रहा था। फिर भी नायक आगे बढ़ा। उसकी चाल में कोई हड़बड़ी नहीं थी। ये शांति खतरनाक थी। सब कुछ सही लग रहा था। नजारा देखने लायक था।
सट्टे के मेज पर नाम लिखे थे। कसाई और विक्क के बीच खेल हो रहा था। मैं आखरी सेवियर हूं में ये नाम भी मायने रखते हैं। लड़की ने अपना दांव लगा दिया। अब देखना है कि कौन जीतता है। सिक्कों की खनखनाहट से माहौल बदल गया। हर कोई अपनी सांस रोके देख रहा था। ये पल बहुत नाजुक था। जीत या हार का फैसला होने वाला था। सब इंतजार कर रहे थे।
अंत में नायक का मुस्कुराना बहुत चौंकाने वाला था। खतरे के बीच वो हंसा कैसे? मैं आखरी सेवियर हूं में ये अंदाज बहुत फिट बैठता है। उसकी आँखों में जीत का भरोसा था। जेल की गंदगी और रंगभूमि की चमक सब एक था। ये कहानी आगे क्या मोड़ लेगी? हर भाग नया रहस्य लाता है। मुझे अगला भाग देखने की जल्दी है। बहुत मजा आ रहा था। सब देखें।
इस एपिसोड की समीक्षा
नवीनतम