इस शो की शुरुआत ही धमाकेदार होती है जब हरे रंग का विस्फोट होता है। मेन आख्री सेवियर हूँ देखते समय लगा कि एक्शन सीन्स बहुत अच्छे हैं और ग्राफिक्स भी लाजवाब हैं। ओडिन का किरदार रहस्यमयी लग रहा है और उसकी चालें खतरनाक हैं। लैब का दृश्य बहुत ही डरावना था जहाँ घायल सहयोगी तड़प रहा था। कुल मिलाकर यह एक रोमांचक सफर है जो अंत तक बांधे रखता है। हर मोड़ पर नया ट्विस्ट मिलता है।
ओडिन जो कि अर्क बेस का लीडर है, उसका व्यवहार बहुत क्रूर लगता है। मेन आख्री सेवियर हूँ में जब उसने घायल साथी को गोली मारी, तो झटका लगा। उसकी आँखों में कोई दया नहीं थी। होलोग्राफिक मैप देखकर लगता है कि वह किसी बड़ी साजिश की योजना बना रहा है। यह किरदार दर्शकों को हैरान करता रहता है। उसकी पोशाक और बात करने का ढंग बहुत प्रभावशाली है।
इस सीरीज के विजुअल इफेक्ट्स सच में बहुत उच्च स्तर के हैं। मेन आख्री सेवियर हूँ में हेलीकॉप्टर का उड़ना और हरे धुएं का निकलना बहुत असली लगता है। लैब के दृश्य में हरी रोशनी का उपयोग माहौल को गंभीर बनाता है। पात्रों के चेहरे के भाव भी बहुत बारीकी से दिखाए गए हैं। तकनीकी पहलू से यह प्रोडक्शन बहुत आगे है। दर्शक इसे देखकर मंत्रमुग्ध हो जाएंगे।
कहानी में धोखे का तत्व बहुत गहराई से दिखाया गया है। मेन आख्री सेवियर हूँ में एक साथी दूसरे को धक्का देता है और बाद में ओडिन द्वारा गोली मारी जाती है। यह विश्वासघात दर्शकों को झकझोर देता है। घायल योद्धा की पीड़ा को बहुत करीने से दिखाया गया है। यह सिर्फ एक्शन नहीं बल्कि भावनाओं का खेल भी है। हर एपिसोड में नया खुलासा होता है।
लैब का सीन देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। मेन आख्री सेवियर हूँ में वहाँ रखे ट्यूब और हरी तरल पदार्थ बहुत अजीब लगते हैं। ओडिन का वहाँ आना और ठंडे दिमाग से फैसले लेना उसकी खतरनाक सोच को दिखाता है। फर्श पर गिरा हुआ सहयोगी मदद के लिए तरस रहा था। यह दृश्य कहानी के अंधेरे पहलू को उजागर करता है। माहौल बहुत ही सस्पेंस से भरा हुआ है।
जब हेलीकॉप्टर धुएं के बीच से निकलता है तो सीन बहुत शानदार लगता है। मेन आख्री सेवियर हूँ में यह भागने का दृश्य बहुत तनावपूर्ण है। नीले रंग की रोशनी इंजनों से निकल रही थी जो भविष्य की तकनीक लगती है। पायलट का चेहरा घायल था फिर भी वह उड़ान भर रहा था। यह दिखाता है कि वह कितना जिद्दी है। एक्शन प्रेमियों के लिए यह बेहतरीन है।
इस शो के पात्र बहुत गहरे हैं। मेन आख्री सेवियर हूँ में ओडिन सिर्फ एक विलेन नहीं लगता बल्कि एक नेता भी है। उसकी आँखों में अनुभव झलकता है। दूसरी तरफ घायल सहयोगी की मजबूरी दर्दनाक है। उनके बीच की शक्ति का संघर्ष कहानी को आगे बढ़ाता है। संवाद कम हैं लेकिन भाव बहुत कुछ कह जाते हैं। यह एक परिपक्व कहानी है।
प्लॉट में सस्पेंस बना हुआ है कि आखिर हो रहा क्या है। मेन आख्री सेवियर हूँ में ओडिन का मैप देखना और फिर रेडियो पर बात करना संकेत देता है। कुछ बड़ा होने वाला है। घायल योद्धा के चेहरे पर दरारें क्यों हैं, यह रहस्य बना है। दर्शक अगले एपिसोड का इंतजार करेंगे। हर सीन में नई पहेली सामने आती है। यह दिमाग को चलाने वाली कहानी है।
जब घायल सहयोगी ओडिन के पैर पकड़ता है तो दिल दहल जाता है। मेन आख्री सेवियर हूँ में यह भावनात्मक टकराव बहुत तेज है। एक तरफ भीख है और दूसरी तरफ पत्थर दिल इंसान। हरे रंग का खून या तरल पदार्थ उसकी अलग पहचान बताता है। यह दृश्य कहानी के संघर्ष को चरम पर ले जाता है। दर्शक इससे जुड़ाव महसूस करते हैं।
यह शो एक्शन और ड्रामा का सही मिश्रण है। मेन आख्री सेवियर हूँ की कहानी बहुत आगे की सोच वाली लगती है। तकनीक और इंसानी जज़्बातों का टकराव देखने लायक है। ओडिन जैसे किरदार कहानी को वजन देते हैं। विजुअल्स और साउंड डिजाइन भी बहुत अच्छे हैं। यह नेटशॉर्ट्स पर देखने लायक एक बेहतरीन सीरीज है। इसे मिस नहीं करना चाहिए।
इस एपिसोड की समीक्षा
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