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गुमशुदा वारिस घर लौटीवां23एपिसोड

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गुमशुदा वारिस घर लौटी

पाँच साल की उम्र में, अमीर घर की बेटी जेनी और झुग्गी की मार्गरेट की पहचान बदल गई। जेनी को मार्गरेट बनाकर सताया गया, जबकि असली मार्गरेट अन्ना बनकर आलीशान जीवन जीती रही। सालों बाद डीएनए टेस्ट ने सच खोल दिया। अन्ना की सारी साजिशें नाकाम हो गईं। थैंक्सगिविंग पर जेनी अपने असली परिवार से मिली और नई शुरुआत की।
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इस एपिसोड की समीक्षा

अपमान की आग

इस दृश्य में दिखाया गया क्रूरता का स्तर वास्तव में चौंकाने वाला है। जब वह लड़की जमीन पर घुटनों के बल बैठी है और उसे शराब से नहलाया जा रहा है, तो दर्शक के रूप में हमारे रोंगटे खड़े हो जाते हैं। गुमशुदा वारिस घर लौटी कहानी का यह हिस्सा दिखाता है कि कैसे अमीर वर्ग अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल करता है। उस लड़की की आंखों में दर्द और बेबसी साफ झलक रही थी, जो किसी भी इंसान का दिल तोड़ सकती है।

बदलाव की चिंगारी

जब वह लड़की अचानक खड़ी होती है और पलटवार करती है, तो स्क्रीन पर एक अलग ही ऊर्जा आ जाती है। गुमशुदा वारिस घर लौटी में यह मोड़ बहुत ही शानदार था क्योंकि पीड़ित अब शिकार नहीं बल्कि शेरनी बन गई थी। उसने साबित कर दिया कि कोई भी उसे हमेशा के लिए नीचा नहीं दिखा सकता। यह दृश्य महिला सशक्तिकरण का एक प्रतीक है जहां चुप रहने वाली आवाज अब शोर मचाने लगी है।

अतीत का दर्दनाक सच

फ्लैशबैक सीन में जब हमें उसी लड़की को बचपन में कचरे के डिब्बे से खाना ढूंढते हुए देखा, तो पूरी कहानी का संदर्भ बदल गया। गुमशुदा वारिस घर लौटी ने बहुत ही बारीकी से दिखाया कि कैसे गरीबी ने उसके बचपन को छीन लिया था। वह छोटी बच्ची जो भूखी थी, आज वही बड़ी होकर उसी समाज से टकरा रही है जो उसे कभी नीची नजरों से देखता था। यह भावनात्मक गहराई अद्भुत है।

दोस्ती का असली रंग

उस छोटी बच्ची द्वारा भोजन का डिब्बा देने का दृश्य दिल को छू लेने वाला था। गुमशुदा वारिस घर लौटी में यह दिखाया गया है कि कैसे एक मासूम बच्चे ने उस लड़की की मदद की जब बाकी दुनिया उससे मुंह मोड़ रही थी। वह लाल स्कार्फ और वह मुस्कान आज भी उस लड़की के जहन में ताजा होगी। यह दृश्य साबित करता है कि इंसानियत अभी भी जिंदा है, चाहे हालात कितने भी खराब क्यों न हों।

सोशल मीडिया की क्रूरता

पार्टी में मौजूद लोग जिस तरह से उस लड़की को नीचा दिखा रहे थे और वीडियो बना रहे थे, वह आज के सोशल मीडिया के दौर की कड़वी सच्चाई है। गुमशुदा वारिस घर लौटी ने बहुत ही बहादुरी से इस मुद्दे को उठाया है। लोग दूसरों के दर्द को अपना मनोरंजन बना लेते हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि उनका एक वीडियो किसी की पूरी जिंदगी बर्बाद कर सकता है। यह कहानी हमें आईना दिखाती है।

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