PreviousLater
Close

गुमशुदा वारिस घर लौटीवां49एपिसोड

like2.0Kchase2.0K

गुमशुदा वारिस घर लौटी

पाँच साल की उम्र में, अमीर घर की बेटी जेनी और झुग्गी की मार्गरेट की पहचान बदल गई। जेनी को मार्गरेट बनाकर सताया गया, जबकि असली मार्गरेट अन्ना बनकर आलीशान जीवन जीती रही। सालों बाद डीएनए टेस्ट ने सच खोल दिया। अन्ना की सारी साजिशें नाकाम हो गईं। थैंक्सगिविंग पर जेनी अपने असली परिवार से मिली और नई शुरुआत की।
  • Instagram
इस एपिसोड की समीक्षा

लाल साड़ी में तूफान

शुरुआत में ही लाल साड़ी वाली लड़की की बेचैनी देखकर लगता है कि कुछ गड़बड़ होने वाली है। जब वह अपना पर्स खाली पाती है, तो उसकी आंखों में डर साफ दिखता है। फिर अवार्ड सेरेमनी का सीन आता है जहां सब कुछ चमकदार लग रहा है, लेकिन गुमशुदा वारिस घर लौटी की कहानी में यह चमक धोखा साबित होती है। कॉरिडोर वाला झगड़ा देखकर रोंगटे खड़े हो गए।

अवार्ड या धोखा?

स्टेज पर मिलने वाला अवार्ड और ऑडियंस की तालियां सब कुछ परफेक्ट लग रहा था, लेकिन असली खेल तो पीछे चल रहा था। जब वह लड़की अवार्ड लेकर चलती है और लाल साड़ी वाली उससे टकराती है, तो माहौल एकदम बदल जाता है। गुमशुदा वारिस घर लौटी में दिखाया गया यह टकराव सिर्फ दो लड़कियों का नहीं, बल्कि दो दुनियाओं का टकराव है। चेहरे के भाव देखकर लगता है कि यह दोस्ती नहीं, दुश्मनी है।

कॉरिडोर का क्लाइमेक्स

पूरी फिल्म का सबसे तनावपूर्ण सीन वह है जब दोनों लड़कियां सफेद कॉरिडोर में आमने-सामने आती हैं। एक के हाथ में अवार्ड है और दूसरी के चेहरे पर गुस्सा। लाल साड़ी वाली लड़की का गुस्सा और दूसरी लड़की की घबराहट देखकर लगता है कि गुमशुदा वारिस घर लौटी की कहानी में कोई बड़ा राज छिपा है। यह झगड़ा सिर्फ शब्दों का नहीं, बल्कि भावनाओं का युद्ध है जो स्क्रीन पर साफ झलकता है।

चमकदार पोशाक, काले राज

चमकदार सुनहरी पोशाक पहने लड़की जब स्टेज पर मुस्कुरा रही थी, तो किसी को नहीं पता था कि उसकी असली कहानी कितनी कड़वी है। बैकस्टेज का वह सीन जहां वह अपना पर्स चेक करती है, सब कुछ बता देता है। गुमशुदा वारिस घर लौटी में दिखाया गया यह विरोधाभास बहुत गहरा है। बाहर से सब कुछ खूबसूरत है, लेकिन अंदर से सब कुछ टूटा हुआ है। यह कहानी हमें सिखाती है कि चमक हमेशा सोना नहीं होती।

दो चेहरे, एक सच्चाई

एक लड़की जो अवार्ड जीतकर खुश है और दूसरी जो अपने पर्स में कुछ न पाकर परेशान है। ये दोनों चेहरे एक ही सिक्के के दो पहलू लगते हैं। जब ये दोनों कॉरिडोर में मिलती हैं, तो लगता है कि गुमशुदा वारिस घर लौटी की कहानी का असली मोड़ आ गया है। लाल साड़ी वाली लड़की की आंखों में जो आंसू और गुस्सा है, वह सिर्फ एक पल की बात नहीं, बल्कि सालों की कुढ़न है जो बाहर निकल आई है।

और भी शानदार समीक्षाएँ (5)
arrow down