गाड़ी के अंदर का माहौल इतना तनावपूर्ण है कि सांस लेना भी मुश्किल लग रहा है। वह लड़का जो शुरुआत में मुस्कुरा रहा था, अब गंभीर हो गया है। पीछे बैठी महिला की नजरें सब कुछ देख रही हैं। गुमशुदा वारिस घर लौटी कहानी में यह सीन दिखाता है कि कैसे एक छोटी सी यात्रा बड़े राज खोल सकती है। चेहरे के भाव सब कुछ बता रहे हैं।
जब पुलिस वाले ने उस औरत को पकड़ा, तो लगा कहानी बदलने वाली है। लेकिन फिर वह लड़की कैप पहनकर आई और सब कुछ पलट दिया। नोटों का लेन-देन देखकर समझ आया कि यहाँ कानून नहीं, पैसा बोलता है। गुमशुदा वारिस घर लौटी में ऐसे मोड़ दर्शकों को बांधे रखते हैं। हर किरदार का अपना एजेंडा है।
काली कैप और ब्लेजर में वह लड़की जब कमरे में घुसी, तो हवा का रुख बदल गया। उसकी आंखों में एक अलग ही चमक थी। पुलिस वाले को रिश्वत देकर उसने सबको चौंका दिया। गुमशुदा वारिस घर लौटी में यह किरदार सबसे ज्यादा प्रभावशाली लग रहा है। उसका हर एक्शन सोचा-समझा लगता है।
उस बुजुर्ग महिला और युवा लड़की के बीच का रिश्ता बहुत जटिल लग रहा है। कभी गुस्सा, कभी पैसे का लेन-देन, तो कभी गले मिलना। गुमशुदा वारिस घर लौटी में यह दिखाया गया है कि परिवार के रिश्ते कितने पेचीदा हो सकते हैं। दोनों के बीच की केमिस्ट्री देखने लायक है।
सौ डॉलर के नोट ने पुलिस वाले का रुख कैसे बदल दिया, यह देखकर हैरानी हुई। एक तरफ कानून, दूसरी तरफ लालच। गुमशुदा वारिस घर लौटी में यह सीन समाज की कड़वी सच्चाई दिखाता है। जब पैसा सामने आता है, तो सब कुछ भुला दिया जाता है। यह सीन बहुत गहरा असर छोड़ता है।