जब वह गाने लगी तो सब तालियां बजा रहे थे, लेकिन अचानक उसकी आवाज़ रुक गई। दर्शकों के चेहरे पर हैरानी और चिंता साफ दिख रही थी। गुमशुदा वारिस घर लौटी का यह मोड़ दिल को छू गया। लाल साड़ी में वह कितनी खूबसूरत लग रही थी, पर गले में दर्द ने सब बदल दिया। बैकस्टेज का दृश्य और भी दर्दनाक था।
जब उसकी माँ ने मंच पर उसे तकलीफ में देखा, तो उसकी आँखों में आंसू थे। यह पल इतना भावुक था कि मैं भी रो पड़ा। गुमशुदा वारिस घर लौटी में ऐसे पल ही तो जादू करते हैं। लड़की ने पानी पिया, फिर भी आवाज़ नहीं लौटी। उसकी माँ की चिंता हर किसी के दिल में उतर गई।
वह बैकस्टेज गई, पानी पिया, फिर अचानक सब कुछ गिर गया। उसकी सांसों में तकलीफ, आँखों में डर — सब कुछ इतना असली लगा। गुमशुदा वारिस घर लौटी का यह दृश्य मेरे दिमाग से नहीं निकल रहा। क्या किसी ने उसके पानी में कुछ मिला दिया? या यह सिर्फ तनाव था? रहस्य बना हुआ है।
शुरुआत में वह युवक इतना खुश था, तालियां बजा रहा था, लेकिन जब लड़की की आवाज़ रुकी, तो उसकी मुस्कान गायब हो गई। गुमशुदा वारिस घर लौटी में हर किरदार की भावनाएं इतनी गहराई से दिखाई गई हैं। उसकी माँ के साथ बैठकर वह कितना सहज लग रहा था, पर बाद में चिंतित हो गया।
उसने इतनी मेहनत की, इतने सजे-धजे मंच पर खड़ी हुई, पर गले की तकलीफ ने सब बर्बाद कर दिया। गुमशुदा वारिस घर लौटी में यह दृश्य दिखाता है कि सफलता कितनी नाजुक होती है। उसकी आँखों में आंसू, हाथों में कंपन — सब कुछ इतना असली लगा कि मैं भी रो पड़ा।