शुरुआत में ही पैसे गिनने का दृश्य देखकर लगता है कि यहाँ रिश्ते बिक रहे हैं। बुजुर्ग महिला का गुस्सा और युवती की बेरुखी साफ दिखाती है कि गुमशुदा वारिस घर लौटी में पैसा सब कुछ नहीं खरीद सकता। यह तनावपूर्ण माहौल दर्शकों को बांधे रखता है।
जब स्कूल यूनिफॉर्म पहने बच्चे कार से उतरते हैं तो लगता है कहानी में कोई बड़ा ट्विस्ट आने वाला है। लड़की के हाथ में किताब और लड़के का बैग संभालना दिखाता है कि गुमशुदा वारिस घर लौटी में परिवार की जिम्मेदारियां कैसे बंटती हैं।
ब्लॉन्ड महिला का चेहरा जब चिंतित होता है तो लगता है वह अपने बच्चों के भविष्य को लेकर परेशान है। गुमशुदा वारिस घर लौटी में ऐसे दृश्य दर्शकों के दिल को छू लेते हैं क्योंकि हर मां की चिंता सच्ची होती है।
काली कार का आगमन और उससे उतरते बच्चे दिखाते हैं कि गुमशुदा वारिस घर लौटी में हर दृश्य कहानी आगे बढ़ाता है। यह दृश्य दर्शकों को यह सोचने पर मजबूर कर देता है कि क्या ये बच्चे किसी बड़े रहस्य का हिस्सा हैं।
लड़की के हाथ में किताब और लड़के का बैग संभालना दिखाता है कि गुमशुदा वारिस घर लौटी में छोटी छोटी चीजें भी बड़ी कहानियां कहती हैं। यह दृश्य दर्शकों को यह एहसास दिलाता है कि परिवार में हर सदस्य की अपनी जिम्मेदारी होती है।