इस दृश्य में तनाव इतना ज्यादा है कि सांस रुक जाती है। चीयरलीडर का कैंची पकड़ना और उस लड़की को पकड़कर रखना सच में डरावना लग रहा था। गुमशुदा वारिस घर लौटी में ऐसे मोड़ आते हैं जो दिल की धड़कन बढ़ा देते हैं। उस लड़की की आंखों में डर साफ दिख रहा था जब उसके बाल कट रहे थे। यह सिर्फ एक झगड़ा नहीं, बल्कि एक गहरी दुश्मनी की शुरुआत लगती है।
धूप खिली थी लेकिन माहौल में अंधेरा छाया हुआ था। चीयरलीडर्स का समूह मिलकर उस बेचारी लड़की को परेशान कर रहा था, जो गुमशुदा वारिस घर लौटी की कहानी को और भी रोचक बनाता है। जब फुटबॉल प्लेयर आया तो लगा शायद सब ठीक हो जाएगा, लेकिन चीजें और बिगड़ गईं। यह दिखाता है कि स्कूल की पॉपुलरिटी कितनी जहरीली हो सकती है जब इंसानियत खत्म हो जाए।
उस लड़की के बाल काटना सिर्फ एक एक्शन नहीं था, यह उसकी पहचान पर हमला था। चीयरलीडर की हंसी और बाकी लड़कियों का साथ देना सच में गुस्सा दिलाता है। गुमशुदा वारिस घर लौटी में ऐसे सीन्स होते हैं जो समाज की कड़वी सच्चाई दिखाते हैं। जब वह लड़की रो रही थी और कोई मदद को नहीं आ रहा था, तो दिल टूट गया। यह प्रताड़ना की सबसे बदतर रूप है जो किसी को भी तोड़ सकता है।
फुटबॉल प्लेयर नंबर १२ की एंट्री ने सब कुछ बदल दिया। लगा वह बचाने आएंगे, लेकिन उनकी प्रतिक्रिया ने सबको चौंका दिया। गुमशुदा वारिस घर लौटी में किरदारों के रिश्ते हमेशा उलझन भरे होते हैं। चीयरलीडर का अचानक घबरा जाना और प्लेयर का गुस्सा दिखाना बताता है कि कहानी में बड़ा ट्विस्ट आने वाला है। यह सिर्फ एक झगड़ा नहीं, बल्कि एक बड़े षड्यंत्र की शुरुआत है।
चीयरलीडर्स आपस में हंस रही थीं लेकिन बाहर वाले के लिए उनकी हंसी जहर बन गई। गुमशुदा वारिस घर लौटी में दोस्ती और दुश्मनी की लकीरें बहुत पतली होती हैं। उस लड़की को पकड़कर रखना और उसके बाल काटना दिखाता है कि कैसे एक ग्रुप मिलकर किसी को तोड़ सकता है। यह दृश्य देखकर लगता है कि स्कूल की पॉपुलरिटी के पीछे कितना अंधेरा छिपा होता है जो किसी को भी निगल सकता है।