शुरुआत में लगा कि यह बस एक अवार्ड शो का सीन है, लेकिन जैसे-जैसे गुमशुदा वारिस घर लौटी की कहानी आगे बढ़ी, पता चला कि यह ट्रॉफी सिर्फ एक प्रतीक है। सुनहरी पोशाक वाली महिला की आंखों में छिपा दर्द और लाल ड्रेस वाली की चुप्पी सब कुछ कह रही है। सफेद सूट वाले युवक का कन्फ्यूज्ड चेहरा देखकर लगता है कि वह किसी बड़े षड्यंत्र का हिस्सा बन चुका है। यह सीन सिर्फ ड्रामा नहीं, बल्कि रिश्तों की टूटन की कहानी है।
जब वह नीली ड्रेस वाली महिला हॉल में दाखिल हुई, तो माहौल एकदम बदल गया। उसकी आवाज में जो गुस्सा और अधिकार था, उसने साबित कर दिया कि वह कोई साधारण मेहमान नहीं है। गुमशुदा वारिस घर लौटी के इस मोड़ पर उसका आना किसी तूफान से कम नहीं था। उसने फोन उठाया और जो बात की, उससे लग रहा था कि अब खेल बदलने वाला है। बाकी सब बस तमाशबीन बनकर रह गए हैं।
सुनहरी पोशाक पहने उस लड़की के आंसू देखकर दिल पसीज गया। वह चिल्ला रही थी, रो रही थी, लेकिन उसकी आवाज में एक मजबूरी थी। शायद उसे पता चल गया है कि उसकी जीत असली नहीं थी। गुमशुदा वारिस घर लौटी में ऐसे इमोशनल सीन्स ही जान डालते हैं। उसका हर इशारा बता रहा था कि वह किसी धोखे का शिकार हुई है। सामने खड़े लोग बस देख रहे हैं, कोई मदद को आगे नहीं आ रहा।
लाल ड्रेस वाली लड़की ने जब वह लाल रिबन निकाला और युवक के हाथ में थमाया, तो लगा कि यह कोई प्रपोजल है। लेकिन फिर नीली ड्रेस वाली की एंट्री ने सब गड़बड़ कर दिया। गुमशुदा वारिस घर लौटी की कहानी में यह रिबन शायद किसी वादे या राज की निशानी है। युवक का चेहरा देखकर लगता है कि वह इस रिश्ते में फंस चुका है। अब देखना है कि यह रिबन उसे बचाएगा या फंसाएगा।
लाल ड्रेस वाली लड़की पूरे सीन में लगभग चुप रही, लेकिन उसकी आंखें सब कुछ बोल रही थीं। जब सुनहरी पोशाक वाली चिल्ला रही थी, तो वह बस खड़ी देख रही थी। गुमशुदा वारिस घर लौटी में ऐसे किरदार ही कहानी को गहराई देते हैं। उसकी चुप्पी शायद किसी बड़े सच को छिपाए हुए है। जब नीली ड्रेस वाली ने फोन किया, तो उसकी आंखों में डर साफ दिखाई दिया।