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जीवन भर का कर्ज़वां29एपिसोड

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जीवन भर का कर्ज़

गौरी छह साल की थी जब उसने अपने भाई रजत की जान बचाई। उस हादसे में उसका दिमाग़ कमज़ोर हो गया। तब से घर में वह बोझ बन गई। माँ-बाप का सारा प्यार रजत को मिला, और रजत बड़ा होकर उससे शर्माने लगा। जब रजत की शादी तय हुई, तो माँ की मौन सहमति और पिता की कमज़ोरी के चलते उसे घर के बेकार बर्तन में छुपा दिया गया। वहीं उसकी जान चली गई।
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इस एपिसोड की समीक्षा

आंसुओं की बाढ़

इस दृश्य में दर्द इतना गहरा है कि शब्द कम पड़ जाते हैं। जब वह शख्स गुस्से में चीखता है और फिर अचानक टूट जाता है, तो दिल दहल जाता है। परिवार के सदस्यों का रोना और उस तस्वीर को सहलाना बताता है कि जीवन भर का कर्ज़ कभी नहीं चुकता। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे इमोशनल सीन्स देखकर रूह कांप जाती है।

मां का दर्द

वह मां जो जमीन पर बैठकर रो रही है, उसकी आंखों में बेबसी साफ दिख रही है। बेटे का गले लगकर रोना और पिता का सिर झुका लेना बताता है कि इस घर से क्या चला गया। जीवन भर का कर्ज़ सिर्फ पैसों का नहीं, एहसास का भी होता है। यह सीन देखकर कोई भी पत्थर दिल इंसान भी रो पड़ेगा।

गुस्से का असली चेहरा

शुरुआत में जो शख्स गुस्से में था, बाद में उसका चेहरा बदल जाता है। शायद उसे एहसास हुआ कि उसने क्या खो दिया। जब वह दूसरों को रोते हुए देखता है, तो उसकी आंखों में पछतावा साफ झलकता है। जीवन भर का कर्ज़ चुकाने के लिए कभी-कभी बहुत देर हो जाती है। नेटशॉर्ट पर ऐसे ड्रामे देखना इमोशनल रोलरकोस्टर है।

तस्वीरों की ताकत

जब वे लोग उस लड़की की तस्वीर को पकड़कर रो रहे हैं, तो लगता है जैसे वह तस्वीर ही उनकी आखिरी निशानी हो। कब्र पर जाकर फोटो रखना और पुरानी यादों को ताजा करना दिल को चीर देता है। जीवन भर का कर्ज़ उन यादों का भी होता है जो कभी वापस नहीं आतीं। यह सीन बहुत ही हृदयस्पर्शी है।

कब्र का सन्नाटा

खुले मैदान में कब्र के सामने बैठकर रोना एक अलग ही दर्द है। हवा में सन्नाटा और आंखों में आंसू बताते हैं कि मौत ने क्या छीन लिया। जीवन भर का कर्ज़ अब उस कब्र के साथ दफन हो गया है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन्स देखकर लगता है कि जिंदगी कितनी नाजुक है।

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