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जीवन भर का कर्ज़वां26एपिसोड

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जीवन भर का कर्ज़

गौरी छह साल की थी जब उसने अपने भाई रजत की जान बचाई। उस हादसे में उसका दिमाग़ कमज़ोर हो गया। तब से घर में वह बोझ बन गई। माँ-बाप का सारा प्यार रजत को मिला, और रजत बड़ा होकर उससे शर्माने लगा। जब रजत की शादी तय हुई, तो माँ की मौन सहमति और पिता की कमज़ोरी के चलते उसे घर के बेकार बर्तन में छुपा दिया गया। वहीं उसकी जान चली गई।
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इस एपिसोड की समीक्षा

आंसुओं की कीमत

जब पिता ने अपनी बेटी का 'तीन अच्छे छात्र' का प्रमाणपत्र देखा, तो उनकी आंखों से आंसू बह निकले। यह दृश्य दिल को छू लेने वाला है। निर्माण स्थल पर कड़ी मेहनत करने वाले माता-पिता के लिए उनकी बेटी की सफलता ही सबसे बड़ा इनाम है। जीवन भर का कर्ज़ चुकाने जैसा लगता है यह प्यार।

मेहनत का फल

बच्ची का स्कूल से दौड़ते हुए आना और माता-पिता को प्रमाणपत्र दिखाना बहुत प्यारा लगा। माता-पिता के चेहरे पर जो गर्व और खुशी थी, वह शब्दों में बयां नहीं की जा सकती। यह छोटा सा पल बताता है कि संघर्ष कभी व्यर्थ नहीं जाता। जीवन भर का कर्ज़ उतारने जैसा एहसास होता है।

बाप का प्यार

पिता द्वारा बेटी को गोद में उठाने का दृश्य देखकर रोंगटे खड़े हो गए। गंदे कपड़ों और थके हुए चेहरे के बावजूद, उनकी आंखों में बेटी के लिए बेपनाह प्यार साफ झलक रहा था। यह वीडियो क्लिप सच्चे रिश्तों की गहराई को बयां करती है। जीवन भर का कर्ज़ जैसा बंधन है यह।

आंसुओं का सच

वीडियो के अंत में बुजुर्ग व्यक्ति का रोना और फिर युवा लड़के का दुखी होना बहुत रहस्यमयी लगा। ऐसा लगता है कि कोई बड़ी त्रासदी घटित हुई है या फिर कोई गहरा पछतावा है। यह खुशी के आंसुओं से शुरू होकर गम के साये में बदल जाता है। जीवन भर का कर्ज़ शायद यही दर्द है।

संघर्ष की कहानी

निर्माण स्थल पर काम करते हुए माता-पिता और उनकी पढ़ाकू बेटी की कहानी बहुत प्रेरणादायक है। यह दिखाता है कि गरीबी या कड़ी मेहनत सपनों के रास्ते में रुकावट नहीं बन सकती। बेटी की सफलता ही माता-पिता की असली दौलत है। जीवन भर का कर्ज़ उतारने जैसा लगता है यह त्याग।

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