इस दृश्य में भावनाओं का जो तूफान है वह रोंगटे खड़े कर देता है। जब वह लड़की चीखती है तो लगता है दिल टूट गया हो। पुलिस वाले का पकड़ना और मां का रोना सब कुछ इतना असली लगता है कि सांस रुक जाए। जीवन भर का कर्ज़ जैसी कहानियों में ऐसा दर्द ही तो देखने वालों को बांधे रखता है। हर चेहरे पर एक अलग कहानी लिखी है।
बूढ़ी मां का वह चेहरा जब वह अपनी बेटी को ले जाते हुए देखती है, तो कोई भी पत्थर दिल इंसान भी रो पड़े। पिता का सहारा देना और मां का गिरना दिल को चीर देता है। यह दृश्य बताता है कि परिवार के बिछड़ने का दर्द कितना गहरा होता है। जीवन भर का कर्ज़ में ऐसे पल ही तो कहानी की जान होते हैं। सब कुछ इतना सच्चा लगा।
वह लड़का जो सफेद जैकेट में है, उसके चेहरे पर जो पछतावा है वह शब्दों से परे है। जब वह जमीन पर बैठ जाता है तो लगता है उसकी दुनिया खत्म हो गई। शायद वह कुछ कर सकता था पर नहीं कर पाया। जीवन भर का कर्ज़ जैसी फिल्मों में ऐसे किरदार ही दर्शकों के दिल में उतर जाते हैं। उसकी खामोशी सबसे ज्यादा शोर मचा रही थी।
लाल स्वेटर और चोटियों वाली लड़की का वह उदास चेहरा सब कुछ कह रहा है। वह खिड़की के पीछे खड़ी है जैसे कोई परछाई हो। शायद वह भी उसी दर्द का हिस्सा है जो बाहर चल रहा है। जीवन भर का कर्ज़ में ऐसे प्रतीकात्मक दृश्य कहानी को गहराई देते हैं। उसकी आंखों में आंसू थे पर वह रो नहीं रही थी, बस देख रही थी।
नीली वर्दी वाले पुलिस वाले का चेहरा भी बता रहा है कि वह भी इस स्थिति से दुखी है। उसे अपना फर्ज निभाना है पर दिल नहीं मान रहा। जब वह लड़की को पकड़कर ले जाता है तो उसकी पकड़ में भी नरमी थी। जीवन भर का कर्ज़ जैसे ड्रामे में ऐसे छोटे-छोटे किरदार भी बड़ा असर छोड़ जाते हैं। सब कुछ इतना मानवीय लगा।