जब एम्बुलेंस की रोशनी में शव को ढका गया, तो माँ का चीखना दिल दहला देने वाला था। जीवन भर का कर्ज़ चुकाने के लिए बेटे ने जो किया, वो किसी फिल्म से कम नहीं। रात के अंधेरे में उसकी आँखों में जो टूटन थी, वो शब्दों में बयां नहीं हो सकती।
उस पल जब माँ जमीन पर गिरकर रो रही थी, तो लगा जैसे समय थम गया हो। बेटा उसे संभाल रहा था, पर खुद भी टूट चुका था। जीवन भर का कर्ज़ की ये कहानी सिर्फ एक ड्रामा नहीं, बल्कि हर परिवार की सच्चाई है।
पिता जी की आँखों में आंसू थे, पर वो रो नहीं रहे थे। उनकी चुप्पी में इतना दर्द था कि लगता था जैसे वो सब कुछ सह रहे हों। जीवन भर का कर्ज़ में ये दृश्य सबसे ज्यादा दिल को छू गया।
बेटा खुद टूट चुका था, फिर भी माँ को संभाल रहा था। उसकी आँखों में जो दर्द था, वो किसी भी डायलॉग से ज्यादा असरदार था। जीवन भर का कर्ज़ की ये कहानी हर बेटे की कहानी है।
रात के अंधेरे में एम्बुलेंस की रोशनी, पुलिस की टेप, और परिवार का रोना-धोना। जीवन भर का कर्ज़ का ये दृश्य इतना असली लगा कि लगा जैसे मैं भी वहीं खड़ा हूं।