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जीवन भर का कर्ज़वां8एपिसोड

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जीवन भर का कर्ज़

गौरी छह साल की थी जब उसने अपने भाई रजत की जान बचाई। उस हादसे में उसका दिमाग़ कमज़ोर हो गया। तब से घर में वह बोझ बन गई। माँ-बाप का सारा प्यार रजत को मिला, और रजत बड़ा होकर उससे शर्माने लगा। जब रजत की शादी तय हुई, तो माँ की मौन सहमति और पिता की कमज़ोरी के चलते उसे घर के बेकार बर्तन में छुपा दिया गया। वहीं उसकी जान चली गई।
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इस एपिसोड की समीक्षा

पत्थर का बोझ और माँ का दर्द

इस दृश्य में माँ का वह चेहरा देखकर रूह कांप गई जब वह भारी पत्थर उठा रही थीं। पिताजी की बेबसी और माँ का गुस्सा दोनों ही दिल को चीर रहे हैं। जीवन भर का कर्ज़ चुकाने जैसा लग रहा है यह सब। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे इमोशनल सीन्स देखना वाकई अलग अनुभव है, जैसे खुद उस घर में खड़े हों।

कुएं में छिपा राज

क्या सच में उस कुएं के ढक्कन के नीचे कोई है? लड़की का डरा हुआ चेहरा और माँ-बाप की नजरें सब कुछ बता रही हैं। यह सस्पेंस मुझे पागल कर रहा है। जीवन भर का कर्ज़ जैसी फीलिंग आ रही है इस कहानी को देखकर। नेटशॉर्ट ऐप पर मिलने वाली यह कहानी वाकई दिलचस्प है।

माँ का गुस्सा या मजबूरी?

माँ का गुस्सा सिर्फ गुस्सा नहीं, उसके पीछे एक बड़ी मजबूरी छिपी है। पिताजी की चुप्पी और माँ का हरकतें सब कुछ कह रही हैं। जीवन भर का कर्ज़ जैसी स्थिति में फंसे हैं ये लोग। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे ड्रामेटिक सीन्स देखना वाकई दिल को छू लेता है।

पिताजी की बेबसी

पिताजी का वह चेहरा जब वे माँ को रोकने की कोशिश कर रहे हैं, दिल को छू लेता है। वे कुछ कहना चाहते हैं पर शब्द नहीं निकल रहे। जीवन भर का कर्ज़ जैसी स्थिति में फंसे हैं ये लोग। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे इमोशनल सीन्स देखना वाकई अलग अनुभव है।

कुएं का राज खुलेगा?

क्या उस कुएं के नीचे छिपी लड़की बाहर आएगी? माँ का गुस्सा और पिताजी की बेबसी सब कुछ बता रही है। जीवन भर का कर्ज़ जैसी फीलिंग आ रही है इस कहानी को देखकर। नेटशॉर्ट ऐप पर मिलने वाली यह कहानी वाकई दिलचस्प है।

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