जब वह लड़का छत के किनारे खड़ा था, तो लग रहा था कि वह अपनी ज़िंदगी का सबसे बड़ा फैसला ले रहा है। उसके हाथ में वह छोटी सी गुड़िया देखकर दिल दहल गया। नीचे खड़े माता-पिता की चीखें और आंसू सब कुछ बता रहे थे। जीवन भर का कर्ज़ चुकाने का यह पल कितना दर्दनाक है। आखिरी में गाड़ी से उतरती लड़की का चेहरा देखकर सब कुछ और भी जटिल हो गया।
उस माँ की आवाज़ सुनकर रोंगटे खड़े हो गए। जब वह ऊपर देख रही थी और चिल्ला रही थी, तो लग रहा था कि उसका दिल टुकड़े-टुकड़े हो रहा है। पिता का चेहरा भी उतना ही बेचैन था। लड़के के हाथ में वह गुड़िया किसी यादगार की तरह थी। जीवन भर का कर्ज़ शायद यही है जो हम अपने परिवार पर छोड़ जाते हैं। यह दृश्य बहुत ही भावुक कर देने वाला था।
उस छोटी सी गुड़िया ने सब कुछ बदल दिया। जब लड़का उसे देख रहा था, तो उसकी आँखों में आंसू थे। शायद यह गुड़िया किसी खास इंसान की याद दिला रही थी। नीचे खड़े लोग उसे रोकने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन वह अपनी ही दुनिया में खोया हुआ था। जीवन भर का कर्ज़ कभी-कभी एक छोटी सी चीज़ से भी जुड़ा होता है। यह दृश्य बहुत ही गहराई से छू गया।
छत के किनारे खड़ा होकर वह लड़का क्या सोच रहा होगा? उसके पैरों के नीचे सिर्फ हवा थी और ऊपर आसमान। नीचे खड़े लोग उसे बचाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन वह अपनी ही दुनिया में खोया हुआ था। जीवन भर का कर्ज़ शायद यही है जो हम अपने परिवार पर छोड़ जाते हैं। आखिरी में गाड़ी से उतरती लड़की का चेहरा देखकर सब कुछ और भी जटिल हो गया।
उस पिता का चेहरा देखकर दिल दहल गया। जब वह ऊपर देख रहा था और चिल्ला रहा था, तो लग रहा था कि उसका दिल टुकड़े-टुकड़े हो रहा है। माँ की आवाज़ भी उतनी ही बेचैन थी। लड़के के हाथ में वह गुड़िया किसी यादगार की तरह थी। जीवन भर का कर्ज़ शायद यही है जो हम अपने परिवार पर छोड़ जाते हैं। यह दृश्य बहुत ही भावुक कर देने वाला था।