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हुनर जो सच लगेवां15एपिसोड

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हुनर जो सच लगे

आर्यन वर्मा, एक प्रतिभाशाली प्रॉप डिजाइनर, “फिल्म” के बहाने स्पेस एलिवेटर और माइक्रो न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्टर जैसी तकनीक बनाकर राष्ट्रीय विज्ञान संस्थान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाता है। रिया शर्मा को बचाते हुए वह देश के तकनीकी पुनर्जागरण और अपनी प्रेम कहानी दोनों को नया मोड़ देता है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

अंतरिक्ष लिफ्ट का सपना साकार

जब दादी जी ने आसमान की ओर देखा और मुस्कुराईं, तो लगा जैसे पूरा देश एक साथ ऊपर देख रहा हो। यह दृश्य इतना भावनात्मक था कि आँखें नम हो गईं। हुनर जो सच लगे, वह यही है कि तकनीक इंसानियत को जोड़ती है। ऑफिस में तनाव और छात्रों की उत्सुकता का कंट्रास्ट बहुत अच्छा दिखाया गया है।

सोशल मीडिया का सही इस्तेमाल

वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे एक छोटी सी खबर पूरे देश में हलचल मचा देती है। लड़के का फोन पर वीडियो देखना और दादी जी का प्रतिक्रिया देना बहुत नेचुरल लगा। हुनर जो सच लगे, वह है आम लोगों की जिंदगी में बड़ी घटनाओं का असर। ऑफिस वाले दृश्य में काम का बोझ और उत्साह दोनों दिखते हैं।

पीढ़ियों का मिलन

बूढ़े दादा जी का चश्मा पहनकर हैडसेट लगाना और युवा लड़के का फोन चलाना - यह दृश्य पीढ़ियों के बीच के अंतर और एकता को दिखाता है। हुनर जो सच लगे, वह है परिवार का साथ। छात्रावस में दोस्तों का एक साथ बैठकर वीडियो देखना बहुत रिलेटेबल लगा।

ऑफिस की रातें

रात के समय ऑफिस में काम करते कर्मचारियों का दृश्य बहुत रियलिस्टिक है। लड़की का फाइलों का ढेर लेकर चलना और लड़के का वाकी टॉकी पर बात करना तनावपूर्ण माहौल को दर्शाता है। हुनर जो सच लगे, वह है मेहनत का फल। कंप्यूटर स्क्रीन पर खबरें देखकर सबकी प्रतिक्रियाएं बहुत अच्छी हैं।

छात्र जीवन की उत्सुकता

हॉस्टल रूम में चार दोस्तों का लैपटॉप के सामने बैठना और चिप्स खाते हुए वीडियो देखना बहुत क्यूट लगा। चश्मे वाला लड़का जब उत्साहित होकर बात करता है, तो लगता है जैसे हम भी वहीं बैठे हैं। हुनर जो सच लगे, वह है युवाओं का जोश। यह दृश्य बहुत हल्का फुल्का और खुशनुमा है।

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