राहुल गुप्ता का चेहरा देखकर लगता है जैसे दुनिया ही उलट गई हो। ५० अरब डॉलर का नुकसान कोई मजाक नहीं है। कागज उड़ते हैं, फोन बजता है, और वो सिलहूट वाला आदमी... कुछ गड़बड़ है। हुनर जो सच लगे में ऐसे मोड़ देखकर दिल धक से रह जाता है। ऑफिस का माहौल इतना तनावपूर्ण कि सांस लेना मुश्किल हो जाए।
जैसे ही राहुल ने फोन उठाया, सब कुछ अंधेरे में चला गया। वो आवाज़, वो सन्नाटा, फिर बिजली कड़कना... सब कुछ डरावना लग रहा था। लड़की का चेहरा भी घबराया हुआ था। हुनर जो सच लगे में ऐसे सीन देखकर लगता है जैसे कोई बड़ी साजिश चल रही हो। हर फ्रेम में डर और शक का माहौल है।
राहुल के हाथ से कागज उड़ते हैं जैसे उसकी जिंदगी का संतुलन टूट गया हो। हर पेज पर लाल अक्षरों में नुकसान लिखा है। वो गुस्से में है, पर मजबूर भी। हुनर जो सच लगे में ऐसे दृश्य देखकर लगता है जैसे कोई बड़ा धोखा हुआ हो। ऑफिस की खामोशी और कागजों की सरसराहट दिल दहला देती है।
वो कौन है जो अंधेरे में फोन पर बात कर रहा है? राहुल का चेहरा देखकर लगता है जैसे उसे कोई धमकी मिली हो। हर बार जब वो फोन उठाता है, माहौल और भी गहरा हो जाता है। हुनर जो सच लगे में ऐसे पात्रों की झलक देखकर उत्सुकता बढ़ जाती है। कौन है ये रहस्यमयी आवाज़?
उस लड़की की आंखों में डर साफ झलक रहा था जब उसने फोन राहुल को दिया। वो जानती थी कि कुछ गड़बड़ है। उसका चेहरा, उसकी चुप्पी, सब कुछ बता रहा था कि ये मामला साधारण नहीं है। हुनर जो सच लगे में ऐसे छोटे-छोटे इशारे बड़े असर छोड़ते हैं।