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हुनर जो सच लगेवां32एपिसोड

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हुनर जो सच लगे

आर्यन वर्मा, एक प्रतिभाशाली प्रॉप डिजाइनर, “फिल्म” के बहाने स्पेस एलिवेटर और माइक्रो न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्टर जैसी तकनीक बनाकर राष्ट्रीय विज्ञान संस्थान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाता है। रिया शर्मा को बचाते हुए वह देश के तकनीकी पुनर्जागरण और अपनी प्रेम कहानी दोनों को नया मोड़ देता है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

चाँद की धूल और इंसानी जज़्बात

अंतरिक्ष यात्री का चाँद पर उतरना और पृथ्वी को देखना बेहद भावुक कर देने वाला दृश्य है। हुनर जो सच लगे, वह इसी तरह के विजुअल्स में छिपा होता है। जब वह मिट्टी को छूता है, तो लगता है जैसे वह अपने घर से दूर किसी अनजान दुनिया में खड़ा हो। नेटशॉर्ट पर ऐसे सीन देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं।

कंट्रोल रूम की तनावपूर्ण खामोशी

नासा के कंट्रोल रूम में जब सब कुछ शांत होता है लेकिन स्क्रीन पर लैंडर उतर रहा होता है, तो उस पल की तनावपूर्ण खामोशी को शब्दों में बयां करना मुश्किल है। हुनर जो सच लगे, वह डायरेक्टर की इसी समझ में है कि कब डायलॉग नहीं, बस सांसें सुनानी हैं। नेटशॉर्ट ऐप पर यह सीन बार-बार देखने को मजबूर कर देता है।

वैज्ञानिक और उसकी गुप्त डायरी

वह युवा वैज्ञानिक जब अपनी डायरी पढ़ता है और उसकी आँखों में चमक आती है, तो लगता है कि विज्ञान के पीछे भी एक इंसानी दिल धड़कता है। हुनर जो सच लगे, वह इसी तरह के छोटे-छोटे पलों में होता है। नेटशॉर्ट पर ऐसे किरदार देखकर लगता है कि कहानी सिर्फ रोकेट्स की नहीं, इंसानों की भी है।

अंतरिक्ष यान का उड़ान भरना

जब लैंडर चाँद से उड़ान भरता है और नीले रंग के इंजन की रोशनी अंधेरे में चमकती है, तो वह दृश्य सिनेमाई जादू है। हुनर जो सच लगे, वह ऐसे विजुअल्स में होता है जो बिना डायलॉग के कहानी कह देते हैं। नेटशॉर्ट पर यह सीन देखकर लगता है कि हम भी उस यान के साथ उड़ रहे हैं।

बूढ़े प्रोफेसर की समझदारी

वह बूढ़ा प्रोफेसर जब युवा वैज्ञानिक को समझाता है और उसकी आँखों में अनुभव की चमक होती है, तो लगता है कि विज्ञान सिर्फ किताबों में नहीं, इंसानों के अनुभवों में भी होता है। हुनर जो सच लगे, वह इसी तरह के संवादों में होता है। नेटशॉर्ट पर ऐसे किरदार देखकर लगता है कि कहानी गहरी है।

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