शुरुआत में ही राष्ट्रपति का चेहरा देखकर लगता है कि कुछ बहुत बड़ा होने वाला है। कुर्सी पटकना और पसीना बहना उनकी बेचैनी को साफ दिखाता है। जनरल के साथ बहस का माहौल इतना तनावपूर्ण था कि सांस रुक सी गई। हुनर जो सच लगे में ऐसे सीन्स दर्शकों को बांधे रखते हैं। ऑफिस का सेटिंग और एक्टिंग बहुत रियल लगी।
सूरज ढलते वक्त उस विशाल जहाज का पानी में उतरना और लोगों का जश्न मनाना बेहद खूबसूरत था। कप्तान और वैज्ञानिक की दोस्ती और गर्व वाला पल बहुत इमोशनल था। हुनर जो सच लगे ने ऐसे पलों को बहुत अच्छे से कैद किया है। रंगों का इस्तेमाल और बैकग्राउंड म्यूजिक ने सीन को और भी यादगार बना दिया।
ब्लू स्क्रीन पर जहाज का मॉनिटरिंग और ऑपरेटर का घबराया हुआ चेहरा देखकर लगता है कि कोई बड़ी मुसीबत आने वाली है। कमांडर का शांत रहना और निर्णय लेना उनकी लीडरशिप दिखाता है। हुनर जो सच लगे में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कहानी को आगे बढ़ाने के लिए बहुत स्मार्टली किया गया है।
रिपोर्टरों का भीड़ में घिरा कप्तान और उनके सवाल देखकर लगता है कि मीडिया कितनी तेजी से खबरें ढूंढती है। ब्लॉन्ड रिपोर्टर का अंदाज और चश्मे वाले शख्स का गंभीर सवाल कहानी में नया मोड़ लाते हैं। हुनर जो सच लगे ने मीडिया की भूमिका को बहुत बखूबी दिखाया है।
जब कमांडर स्क्रीन पर जहाज को देख रहा था, तो उनकी आंखों में एक अजीब सी चमक थी। लगता है वे कुछ छिपा रहे हैं या कोई बड़ी योजना बना रहे हैं। हुनर जो सच लगे में किरदारों की आंखों से ही कहानी का अंदाजा लग जाता है। यह डिटेलिंग बहुत पसंद आई।