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हुनर जो सच लगेवां2एपिसोड

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हुनर जो सच लगे

आर्यन वर्मा, एक प्रतिभाशाली प्रॉप डिजाइनर, “फिल्म” के बहाने स्पेस एलिवेटर और माइक्रो न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्टर जैसी तकनीक बनाकर राष्ट्रीय विज्ञान संस्थान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाता है। रिया शर्मा को बचाते हुए वह देश के तकनीकी पुनर्जागरण और अपनी प्रेम कहानी दोनों को नया मोड़ देता है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

विजुअल इफेक्ट्स का जादू

इस शो में विजुअल इफेक्ट्स का इस्तेमाल बहुत ही शानदार तरीके से किया गया है। जब मुख्य पात्र होलोग्राम के साथ इंटरैक्ट करता है, तो ऐसा लगता है जैसे हम भविष्य के किसी टेक वर्ल्ड में जी रहे हों। खासकर जब वह रियलिटी एडजस्टमेंट स्लाइडर को कंट्रोल करता है, तो स्क्रीन पर जो नीली रोशनी और पार्टिकल्स दिखाई देते हैं, वे दिल को छू लेते हैं। हुनर जो सच लगे, वह इसी तरह के सीन्स में दिखाई देता है जहां तकनीक और इंसानी जज्बात एक साथ मिलते हैं।

कहानी की गहराई

शुरुआत में लगता है कि यह सिर्फ एक साधारण साइंस फिक्शन स्टोरी है, लेकिन जैसे-जैसे प्लॉट आगे बढ़ता है, पता चलता है कि इसमें इंसानी रिश्तों और भरोसे की कितनी गहरी परतें हैं। जब वह फोन पर बात करता है और दूसरी तरफ वाला व्यक्ति हैरान होता है, तो उस पल में जो टेंशन है, वह बहुत रियल लगती है। हुनर जो सच लगे, वह इन छोटे-छोटे इमोशनल मोमेंट्स में छिपा होता है जो कहानी को आगे बढ़ाते हैं।

किरदारों का विकास

मुख्य पात्र का किरदार बहुत ही दिलचस्प है। वह शांत और गंभीर लगता है, लेकिन जब वह अपनी तकनीकी क्षमताओं का प्रदर्शन करता है, तो उसमें एक अलग ही आत्मविश्वास दिखाई देता है। दूसरी तरफ, लाल टोपी वाला व्यक्ति जो शुरू में हैरान लगता है, बाद में फोन पर बात करते समय उसकी घबराहट साफ दिखाई देती है। हुनर जो सच लगे, वह इन किरदारों के बीच के संवाद और उनकी बॉडी लैंग्वेज में दिखाई देता है।

सस्पेंस का माहौल

जब स्क्रीन पर वार्निंग साइन आता है और सिस्टम में कुछ गड़बड़ होती है, तो दर्शक के रूप में हम भी घबरा जाते हैं। यह सस्पेंस बनाए रखने का एक बहुत ही अच्छा तरीका है। फिर जब सब कुछ ठीक हो जाता है और सक्सेस मैसेज आता है, तो राहत की सांस लेते हैं। हुनर जो सच लगे, वह इन उतार-चढ़ाव वाले सीन्स में दिखाई देता है जो दर्शक को बांधे रखते हैं।

डायलॉग की ताकत

इस शो के डायलॉग बहुत ही प्रभावशाली हैं। जब मुख्य पात्र कहता है कि वह काम संभाल लेगा, तो उसकी आवाज में जो भरोसा है, वह सुनने वाले को भी आश्वस्त कर देता है। दूसरी तरफ, ऑफिस वाले सीन में जो बातचीत होती है, उसमें एक अलग ही प्रोफेशनल टोन है। हुनर जो सच लगे, वह इन डायलॉग्स की डिलीवरी और उनके पीछे छिपे इरादों में दिखाई देता है।

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