इंस्पेक्टर कविता शर्मा की शांत मुद्रा देखकर लगता है कि वो किसी बड़े षड्यंत्र को सुलझाने वाली हैं। अपराध सफाया में यह दृश्य बहुत ही तनावपूर्ण है जहाँ चाय पीते हुए भी आँखों में सवाल हैं। पुराने ज़माने का सेट और धीमी गति वाला संवाद दर्शकों को बांधे रखता है। कविता का डेनिम जैकेट वाला रूप बहुत ही आरामदायक फिर भी पेशेवर लग रहा है।
जब वो लाल तैराकी पोशाक में पूल से बाहर निकली, तो माहौल एकदम बदल गया। अपराध सफाया के इस दृश्य में रोमांस और खतरे का मिश्रण देखने को मिला। उस आदमी का तौलिया देना और फिर उसका प्रतिक्रिया बताता है कि कहानी में कुछ गड़बड़ है। जलरोधी मेकअप और नाटकीय प्रवेश ने दृश्य को यादगार बना दिया। नेटशॉर्ट मंच पर ऐसे दृश्य देखना मज़ा देता है।
पुलिस विभाग की महिला प्रमुख का किरदार निभाने वाली कविता शर्मा का अभिनय लाजवाब है। अपराध सफाया में जब वो कुर्सी से उठकर जाती है, तो उसकी शारीरिक भाषा से साफ पता चलता है कि वो हार मानने वाली नहीं हैं। सामने वाले शख्स की चालाक मुस्कान और कविता की गंभीरता के बीच का अंतर बहुत अच्छा है। यह कार्यक्रम देखकर रोमांचित होना लाजिमी है।
सीढ़ियों से उतरते हुए उस जोड़े का लगाव बहुत ही गहरा है। अपराध सफाया में यह दृश्य बताता है कि दोनों के बीच कोई गहरा राज़ छिपा है। लड़के का जैकेट और लड़की का सस्पेंडर्स वाला रूप बहुत ही शैलीपूर्ण है। नेटशॉर्ट मंच पर यह दृश्य देखकर लगा कि अब कहानी में बड़ा मोड़ आने वाला है। पृष्ठभूमि संगीत भी बहुत ही सही जगह पर इस्तेमाल हुआ है।
चाय की प्याली में तूफान उठता हुआ साफ दिख रहा था। अपराध सफाया के इस कड़ी में संवाद कम लेकिन आँखों के इशारे बहुत कुछ कह रहे थे। वो आदमी जो हंस रहा था, असल में वो डरा हुआ लग रहा था। कविता शर्मा की चुप्पी सबसे ज्यादा शोर मचा रही थी। ऐसे दृश्य ही इस वेब श्रृंखला को बाकी से अलग बनाते हैं। दर्शक हर पल कुछ नया उम्मीद करते हैं।