जब लिफ्ट के दरवाजे खुले तो लगा कोई तूफान आने वाला है। अपराध सफाया में यह दृश्य रोंगटे खड़े कर देता है। वह अकेला खड़ा है लेकिन उसकी आँखों में पूरे गिरोह को हराने का जज्बा साफ दिख रहा था। नीली रोशनी और सन्नाटा माहौल को और भी डरावना बना रहा था।
पार्किंग लॉट में हुई मारपीट किसी एक्शन फिल्म से कम नहीं थी। चाकू लेकर हमला करने वाले गुंडों के सामने हीरो ने बिना डरे मुकाबला किया। अपराध सफाया के इस सीन में एक्शन की स्पीड और कोरियोग्राफी देखते ही बनती है। हर फ्रेम में एड्रेनालाईन का डोज महसूस हुआ।
जब वह लड़की चिल्ला रही थी और वैन ले जा रहा था, तो दिल सच में जोर से धड़कने लगा। हीरो की दौड़ और उसकी बेचैनी साफ दिख रही थी। अपराध सफाया ने इस सीक्वेंस में सस्पेंस को बहुत अच्छे से बनाए रखा है। दर्शक के रूप में मैं भी उस वैन के पीछे भाग रहा था।
लिफ्ट से निकलते ही हीरो की एंट्री किसी सुपरस्टार जैसी लगी। चेहरे पर खून के निशान थे लेकिन हौसला बुलंद था। अपराध सफाया में ऐसे किरदार ही कहानी को आगे बढ़ाते हैं। उसकी वॉक और लुक ने तुरंत ध्यान खींच लिया। यह वीडियो नेटशॉर्ट ऐप पर देखना एक अलग ही अनुभव था।
सफेद पैंट वाला गुंडा लगता था कि वह बहुत ताकतवर है, लेकिन हीरो ने उसे जमीन पर गिराकर सबको सबक सिखा दिया। अपराध सफाया में ऐसे सीन देखकर लगता है कि न्याय जरूर मिलता है। एक्शन सीन्स इतने रियलिस्टिक थे कि सांस रुक गई थी।