शुरुआत में चर्च का दृश्य इतना शांत और पवित्र लगता है, लेकिन अचानक माहौल बदलता है और अपराध सफाया की असली कहानी सामने आती है। वो लाल जैकेट वाला आदमी देखकर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन देखना सच में दिलचस्प अनुभव है।
जब उन बेचारी लड़कियों को पिंजरे में बंद देखा तो दिल दहल गया। गुंडे लोग आग के पास खड़े होकर मज़े ले रहे थे। अपराध सफाया में ऐसे सीन दिखाकर निर्देशक ने सही मायने में तनाव पैदा किया है। हर किसी के चेहरे पर खौफ साफ़ दिख रहा था।
वो लाल चमड़े का सूट पहने आदमी जब सामने आया तो लगा जैसे विलेन की असली एंट्री हुई हो। उसके सीने पर टैटू और चेहरे पर वो खूंखार भाव देखकर डर लग रहा था। अपराध सफाया की कहानी में ये किरदार बहुत अहम लग रहा है। नेटशॉर्ट पर ऐसे किरदार देखना मज़ा देता है।
रात के अंधेरे में पानी की टंकी पर खड़े दो लोग। एक की हेयरस्टाइल अलग थी, शायद वो हीरो का साथी हो। ऊपर से नीचे के नज़ारे को देखना और प्लान बनाना। अपराध सफाया में ये सीन बहुत सस्पेंस बनाए रखता है। लगता है अब कुछ बड़ा होने वाला है।
अंधेरे कमरे में आग जल रही थी और उसी रोशनी में वो गुंडे नाच रहे थे। लड़कियां कोने में सिमटी हुई थीं। अपराध सफाया का ये सीन बहुत ही इमोशनल और डरावना था। नेटशॉर्ट ऐप की क्वालिटी भी काफी अच्छी है जिससे हर डिटेल साफ़ दिखती है।