अपराध सफाया की शुरुआत ही इतनी डरावनी है कि रोंगटे खड़े हो जाते हैं। सफेद क्वीपाओ पहने वह महिला जब भीड़ के सामने खड़ी होती है, तो उसकी आँखों में डर और गुस्सा दोनों साफ दिख रहे हैं। फिर अचानक खून की बूंदें गिरने लगती हैं और वह जमीन पर गिर पड़ती है। यह दृश्य इतना तीव्र है कि सांस रुक सी जाती है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन देखकर लगता है कि कहानी में बहुत गहराई है।
अपराध सफाया में काले सूट पहने उस आदमी की चुप्पी सबसे ज्यादा डरावनी लगती है। वह कुछ बोलता नहीं, बस खड़ा रहता है और देखता रहता है। जब वह महिला गिरती है, तो वह धीरे से उसके पास जाता है और झुककर देखता है। उसकी आँखों में कोई भावना नहीं दिखती, बस एक खालीपन है। यह दृश्य इतना असहज बनाता है कि बार-बार देखने का मन करता है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे किरदार मिलना दुर्लभ है।
अपराध सफाया के इस दृश्य में भीड़ का सन्नाटा सबसे ज्यादा डरावना लगता है। सभी काले कपड़े पहने हुए हैं और चुपचाप खड़े हैं। कोई हिलता नहीं, कोई बोलता नहीं। जब महिला गिरती है, तो भी कोई आगे नहीं बढ़ता। यह सन्नाटा इतना भारी है कि लगता है जैसे सब कुछ रुक गया हो। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे दृश्य देखकर लगता है कि कहानी में बहुत गहराई है और हर किरदार का अपना राज है।
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