पहले दृश्य में दो पुरुषों के बीच की टकराहट बहुत तीव्र है। क्रिस्टल लैंप की रोशनी में उनकी आँखों में गुस्सा साफ दिखता है। अपराध सफाया की शुरुआत ही इतनी धमाकेदार है कि दर्शक तुरंत जुड़ जाता है। संवाद नहीं हैं, लेकिन चेहरे के भाव सब कुछ कह रहे हैं। यह दृश्य पावर डायनामिक्स को बहुत खूबसूरती से दिखाता है।
दूसरा लोकेशन बिल्कुल अलग वाइब देता है। नीली रोशनी और बड़ी घड़ी वाला खिड़की का दृश्य बहुत सिनेमैटिक है। पुरुष और महिला के बीच की बातचीत में एक अजीब सी गंभीरता है। अपराध सफाया में ऐसे मोड़ आते हैं जो कहानी को आगे बढ़ाते हैं। टेप का आदान-प्रदान किसी बड़े राज की ओर इशारा करता है। माहौल बहुत सस्पेंस से भरा है।
वह छोटा सा कैसेट टेप जो महिला टेबल पर रखती है, वह पूरी कहानी की कुंजी लगता है। पुरुष का उसे उठाकर देखना और फिर वापस करना, यह दिखाता है कि वह कुछ छुपा रहा है या सोच रहा है। अपराध सफाया में ऐसे छोटे-छोटे प्रॉप्स का इस्तेमाल बहुत समझदारी से किया गया है। यह दर्शकों को अनुमान लगाने पर मजबूर करता है कि आखिर उस टेप में क्या है।
मुख्य पुरुष पात्र की काली चमड़े की जैकेट और खुली हुई शर्ट उसकी बोल्ड और खतरनाक छवि को बढ़ाती है। चाहे वह महल जैसे हॉल में हो या अंधेरे कैफे में, उसका लुक हमेशा ध्यान खींचता है। अपराध सफाया के कॉस्ट्यूम डिजाइनर ने पात्रों की व्यक्तिगत शैली को बहुत अच्छे से उभारा है। यह लुक उसके किरदार के रहस्यमयी स्वभाव के साथ पूरी तरह मेल खाता है।
कैफे में आई महिला का व्यवहार बहुत आत्मविश्वास से भरा है। वह डरी हुई नहीं लगती, बल्कि स्थिति पर काबू रखने की कोशिश कर रही है। उसकी आँखों में एक चमक है जो बताती है कि वह आसान शिकार नहीं है। अपराध सफाया में महिला पात्रों को कमजोर नहीं दिखाया गया है, जो बहुत सराहनीय है। उसका टेबल पर बैठकर बात करना और फिर चले जाना एक रणनीति लगती है।