इस दृश्य में चमड़े की जैकेट पहने शख्स की चुप्पी सबसे ज्यादा डरावनी लग रही है। जब वह बोतल उठाता है, तो हवा में तनाव साफ महसूस हुआ। अपराध सफाया जैसे सीन देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। गैंगस्टर्स की हंसी अचानक चीखों में बदल गई, जो एक्शन थ्रिलर का बेहतरीन नमूना है।
नीली रोशनी और शोरगुल वाले कमरे में जो संघर्ष हुआ, वह दिल दहला देने वाला था। गंजे आदमी की अकड़ टूटते ही सबकी हालत खराब हो गई। अपराध सफाया में ऐसे सीन बार-बार देखने को मिलते हैं जो दर्शकों को बांधे रखते हैं। हर एंगल से कैमरा काम करता है।
जब प्रोटागोनिस्ट ने गुस्से में आकर हमला किया, तो लगा जैसे ज्वालामुखी फट पड़ा हो। उसकी आंखों में जो आग थी, वह स्क्रीन तक पहुंच गई। अपराध सफाया की कहानी में यह मोड़ बहुत अहम है। दर्शक भी उसी वक्त सांस रोके देख रहे थे कि आगे क्या होगा।
कांच की बोतल को हथियार बनाने का तरीका बहुत खतरनाक और रियलिस्टिक लगा। खून बहते ही माहौल और भी गंभीर हो गया। अपराध सफाया में ऐसे विजुअल्स दर्शकों को झकझोर देते हैं। डायरेक्टर ने हर डिटेल पर ध्यान दिया है, खासकर फाइट सीन्स में।
शुरुआत में जो गैंगस्टर इतना घमंडी लग रहा था, उसकी हालत देखकर हैरानी हुई। जमीन पर पड़ा वह शख्स अब बेबस लग रहा था। अपराध सफाया में ऐसे किरदारों का अंत संतोषजनक लगता है। न्याय की भावना दर्शकों को पसंद आती है।