जब वह सुंदर लड़की सफेद पोशाक में मुड़ी और उसकी आँखों में डर था, तो मुझे लगा कि पहला प्यार, आखिरी अलविदा की कहानी कुछ गहरा छुपा रही है। कमरे की हल्की रोशनी और उसकी घबराहट ने माहौल को बहुत तनावपूर्ण बना दिया। ऐसा लग रहा था जैसे वह किसी बड़े झूठ के किनारे खड़ी हो।
उस आदमी का चेहरा देखकर साफ पता चल रहा था कि वह कुछ छुपा रहा है। जब वह कमरे में घुसा और उसने फोन निकाला, तो लगा जैसे पहला प्यार, आखिरी अलविदा में विश्वास का धागा टूटने वाला है। दराज खोलने का तरीका और उसकी नजरें सब कुछ बता रही थीं कि अब कुछ बड़ा होने वाला है।
जब उसने फोन उठाया और स्क्रीन पर वो तस्वीर देखी, तो मेरा दिल भी रुक सा गया। पहला प्यार, आखिरी अलविदा के इस मोड़ पर लगा कि अब सब कुछ बदल जाएगा। उसकी उंगलियों का कांपना और आँखों में हैरानी ने बता दिया कि यह राज अब खुलने वाला है।
पूरा दृश्य इतना शांत था कि हर सांस की आवाज सुनाई दे रही थी। जब वह लड़की खिड़की के पास खड़ी थी और वह आदमी दराज टटोल रहा था, तो पहला प्यार, आखिरी अलविदा का तनाव हवा में तैर रहा था। बिना किसी शब्द के ही कहानी आगे बढ़ रही थी।
उसकी सफेद पोशाक और उसका मासूम चेहरा एक बड़ा विरोधाभास था। जब वह मुस्कुराई तो लगा सब ठीक है, लेकिन पहला प्यार, आखिरी अलविदा में अक्सर यही सबसे बड़ा धोखा होता है। उसकी आँखों में छुपा डर सब कुछ बता रहा था कि वह अकेली नहीं है।