जब वो दोनों बारिश में खड़े होकर अंदर की खुशियों को देख रहे थे, तो दिल पसीज गया। पहला प्यार, आखिरी अलविदा का ये सीन बताता है कि कभी-कभी प्यार सिर्फ देखना होता है, पाना नहीं। लड़के की आँखों में वो दर्द साफ दिख रहा था जो शब्दों से कहीं ज्यादा गहरा था।
घुटनों पर बैठकर अंगूठी निकालते ही कमरे का माहौल बदल गया। पहला प्यार, आखिरी अलविदा में ये सीन सबसे खूबसूरत है। लड़की की मुस्कान और लड़के का उत्साह देखकर लगता है जैसे समय थम गया हो। ऐसे पल जिंदगी में एक बार ही आते हैं।
खिड़की से झांकते हुए वो दोनों जो महसूस कर रहे थे, वो शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। पहला प्यार, आखिरी अलविदा का ये दृश्य दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देता है। क्या सच्चा प्यार हमेशा पास रहकर ही होता है? या दूर से देखना भी प्यार है?
जब कन्फेटी हवा में उड़ी और सबने गले लगाया, तो लगा जैसे जश्न का माहौल हो। पहला प्यार, आखिरी अलविदा में ये सीन दिखाता है कि प्यार सिर्फ दो लोगों का नहीं, बल्कि पूरे परिवार का होता है। बच्चे की खुशी देखकर दिल खुश हो गया।
अंधेरे में खड़ा वो शख्स और उसके चेहरे पर उदासी... पहला प्यार, आखिरी अलविदा का ये सीन दिल को छू लेता है। कभी-कभी हम जो चाहते हैं, वो हमारा नहीं होता, फिर भी हम उसे खुश देखकर खुश हो जाते हैं। ये प्यार की सबसे बड़ी परिभाषा है।