इस दृश्य में जो विरोधाभास दिखाया गया है वह दिल दहला देने वाला है। एक तरफ शानदार सूट पहने पुरुष और दूसरी तरफ फटे-पुराने कपड़ों में वह महिला। जब वह कागज के टुकड़े हवा में उड़ाते हैं, तो लगता है जैसे उन्होंने उसके सपनों को भी कुचल दिया हो। पहला प्यार, आखिरी अलविदा की कहानी में यह दृश्य सबसे ज्यादा दर्दनाक है जहां अमीरी और गरीबी के बीच की खाई साफ दिखाई देती है। उसका चेहरा देखकर रूह कांप जाती है।
जब वह सड़क पर गिरती है और कागज के टुकड़े उसके चारों ओर बिखर जाते हैं, तो ऐसा लगता है जैसे उसकी जिंदगी का हर सपना टूट गया हो। दो अमीर लड़कियों का हंसना और उसकी बेबसी देखकर गुस्सा आता है। पहला प्यार, आखिरी अलविदा में दिखाया गया यह दृश्य समाज की असली तस्वीर है। वह दीवार से सटकर रोती है और कोई मदद को नहीं आता, यह दृश्य आंखों में आंसू ला देता है।
उस पुरुष का व्यवहार देखकर हैरानी होती है कि इंसान इतना निर्दयी कैसे हो सकता है। उसने न सिर्फ उसे घर से निकाला बल्कि उसके सामने ही सबूत फाड़ दिए। पहला प्यार, आखिरी अलविदा की इस कहानी में अहंकार कितना हावी है यह देखकर दुख होता है। जब वह नीचे गिरती है तो उसकी आंखों में सिर्फ दर्द नहीं, बल्कि एक टूटा हुआ भरोसा भी दिखाई देता है जो कभी जुड़ नहीं पाएगा।
सड़क पर चलती हुई वह महिला जब दो अमीर लड़कियों के सामने से गुजरती है, तो उनका हंसना और मजाक उड़ाना सबसे ज्यादा चुभता है। पहला प्यार, आखिरी अलविदा में दिखाया गया यह दृश्य बताता है कि समाज कैसे किसी के दर्द पर हंसता है। वह दीवार से सटकर बैठ जाती है और उसकी आंखों में आंसू देखकर लगता है जैसे दुनिया खत्म हो गई हो। यह दृश्य बहुत ही भावुक कर देने वाला है।
जब वह कागज के टुकड़े हवा में उड़ाते हैं, तो लगता है जैसे उन्होंने उसकी जिंदगी की सारी सच्चाइयों को हवा में उड़ा दिया हो। पहला प्यार, आखिरी अलविदा की इस कहानी में यह दृश्य सबसे ज्यादा दर्दनाक है। उसका चेहरा देखकर लगता है जैसे उसने सब कुछ खो दिया हो। वह सड़क पर गिरती है और कागज के टुकड़े उसके चारों ओर बिखर जाते हैं, यह दृश्य दिल को छू लेता है।