कब्रिस्तान में गुलाबी पोशाक पहनकर आना कितना बेहूदा है! लेकिन इस लड़की की आँखों में जो दर्द है, वो साफ़ दिख रहा है। शायद वो भी उतनी ही टूटी हुई है जितना कि वो शख्स जो घुटनों पर बैठा है। पहला प्यार, आखिरी अलविदा का ये सीन दिल को छू गया।
बिना डायलॉग के ही इतना भारी माहौल बना दिया। वो लड़का जो चुपचाप खड़ा है, उसकी चुप्पी सबसे ज्यादा शोर मचा रही है। और वो औरत जो छाता लेकर आई, उसकी ठंडक में कितनी गर्माहट छिपी है। पहला प्यार, आखिरी अलविदा देखकर रोना आ गया।
जब उसने फ्रेम में तस्वीर देखी, तो लगा जैसे समय थम गया हो। हर चेहरे पर अलग-अलग कहानी लिखी है। काले कपड़ों वाली औरत की नफरत और गुलाबी वाली की मजबूरी, सब कुछ बयां हो रहा है। पहला प्यार, आखिरी अलविदा का ये अंदाज़ लाजवाब है।
काले और गुलाबी रंग का टकराव देखने लायक है। एक तरफ मातम, दूसरी तरफ जिद्द। लेकिन अंत में सबकी आँखें नम हैं। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन देखना सुकून देता है। पहला प्यार, आखिरी अलविदा की ये कहानी दिल से जुड़ गई।
उस छोटे बच्चे का चेहरा देखकर दिल पसीज गया। वो समझ नहीं पा रहा कि वहाँ क्या हो रहा है, बस सबको दुखी देख रहा है। बच्चों की मासूमियत ही सबसे बड़ी सच्चाई होती है। पहला प्यार, आखिरी अलविदा में ये पल सबसे खास लगा।