जब वह छोटा सा लड़का सीढ़ियों से उतरा और अपनी माँ को गले लगाया, तो पूरा हॉल सन्न रह गया। पहला प्यार, आखिरी अलविदा की यह सीन इतनी भावुक कर देने वाली है कि आँखें नम हो गईं। नीले सूट वाले शख्स की घबराहट और सफेद सूट वाली महिला की ठंडी खामोशी के बीच बच्चे की मुस्कान ही एकमात्र रोशनी थी।
सफेद सूट में वह महिला जैसे किसी तूफान से पहले की शांति लग रही थीं। उनकी आँखों में गुस्सा नहीं, बल्कि एक गहरा दर्द था जो शब्दों से ज्यादा बोल रहा था। पहला प्यार, आखिरी अलविदा में ऐसे किरदार ही कहानी को जिंदा रखते हैं। उनके चेहरे के हर भाव को पढ़ना एक अलग ही अनुभव था।
नीले सूट वाले शख्स की एंट्री जैसे ही हुई, माहौल में तनाव छा गया। उनकी आँखों में डर और उम्मीद दोनों झलक रहे थे। पहला प्यार, आखिरी अलविदा का यह मोड़ बहुत ही ड्रामेटिक था। जब वह बच्चे के पास गया, तो लगा जैसे वह सब कुछ सुलझाना चाहता हो, पर शायद बहुत देर हो चुकी थी।
गुलाबी ड्रेस वाली ब्लॉन्ड महिला का चेहरा देखकर लग रहा था जैसे वह किसी सदमे में हो। उनकी आँखों में हैरानी और शायद थोड़ी जलन भी थी। पहला प्यार, आखिरी अलविदा में हर किरदार का अपना एक दर्द है। वह चुपचाप सब देख रही थीं, पर उनकी खामोशी सबसे ज्यादा शोर मचा रही थी।
जब बच्चे ने अपनी माँ को गले लगाया, तो लगा जैसे समय थम गया हो। सफेद सूट वाली महिला ने भले ही कठोर चेहरा बनाया हो, पर उनकी आँखों में ममता साफ झलक रही थी। पहला प्यार, आखिरी अलविदा की यह सीन दिल को छू लेने वाली थी। ऐसे पल ही तो होते हैं जो हमें याद रह जाते हैं।