अन्ना रेयेस की कब्र पर खड़ा होकर हैरी को लगा कि सब खत्म हो गया, लेकिन बेका का आना और वो लैब रिपोर्ट देखकर सबकी सांसें रुक गईं। पहला प्यार, आखिरी अलविदा की कहानी में ये मोड़ बहुत ही चौंकाने वाला था। जब बेका ने फोन दिखाया तो हैरी का चेहरा देखने लायक था। सच में, मौत के बाद भी राज़ जिंदा रहते हैं।
शुरुआत में लगा कि ये बस एक दुखद अंत है, लेकिन जैसे-जैसे पहला प्यार, आखिरी अलविदा आगे बढ़ा, पता चला कि अन्ना की मौत के पीछे कितना बड़ा खेल था। बेका का वो मैसेज और फोटो देखकर हैरी का गुस्सा और दुख एक साथ उबल पड़ा। काली ड्रेस वाली महिला का रिएक्शन भी बहुत गहरा था। ऐसा लग रहा था जैसे सबके बीच एक जंग छिड़ गई हो।
जब हैरी ने बेका को थप्पड़ मारा और वो जमीन पर गिर गई, तो स्क्रीन के सामने बैठे हर किसी का दिल धक से रह गया। पहला प्यार, आखिरी अलविदा में इतनी हिंसा उम्मीद नहीं थी, लेकिन परिस्थितियां ऐसी थीं कि गुस्सा कंट्रोल करना नामुमकिन था। लड़के का खामोश चेहरा और बाकी लोगों की हैरानी ने सीन को और भी ड्रामेटिक बना दिया।
वो महिला जो काली ड्रेस में थी, उसका पूरे सीन पर कंट्रोल देखने लायक था। उसने ही वो कागजात और फोन दिखाकर असली सच सामने लाया। पहला प्यार, आखिरी अलविदा में उसका किरदार बहुत मजबूत लगा। वो न तो रोई और न ही घबराई, बस सच को सबके सामने रख दिया। कभी-कभी खामोशी सबसे बड़ा शोर होती है।
गुलाबी ड्रेस में बेका शुरू में बहुत मासूम लग रही थी, हैरी के गले लगकर रो भी रही थी, लेकिन जब सच सामने आया तो उसका चेहरा बदल गया। पहला प्यार, आखिरी अलविदा में उसका किरदार बहुत जटिल था। एक पल वो रो रही थी और अगले पल वो चीख रही थी। इंसान के असली रंग मुसीबत में ही निकलते हैं।