जब दुल्हन ने अपने पति को दूसरी महिला के साथ देखा, तो उसकी आंखों में जो दर्द था, वह शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। पहला प्यार, आखिरी अलविदा की यह कहानी दिल को छू लेती है। हर फ्रेम में भावनाओं का ऐसा तूफान है कि दर्शक भी रोने पर मजबूर हो जाता है।
इस शॉर्ट फिल्म में बच्चे का किरदार सबसे ज्यादा प्रभावशाली है। उसकी मासूमियत और समझदारी ने पूरे नाटक को संभाल लिया। पहला प्यार, आखिरी अलविदा में जब वह अपनी मां को रोते हुए देखता है, तो लगता है जैसे वह सब कुछ समझ गया हो।
जब वह घुटनों पर बैठकर अंगूठी निकालता है, तो लगता है जैसे समय थम गया हो। पहला प्यार, आखिरी अलविदा का यह सीन इतना रोमांटिक है कि हर लड़की की ख्वाहिश बन सकता है। कॉन्फेटी और मुस्कान ने इस पल को और भी खास बना दिया।
जब पत्नी को पता चलता है कि उसका पति उसे धोखा दे रहा है, तो उसका चेहरा देखकर लगता है जैसे दिल टूट गया हो। पहला प्यार, आखिरी अलविदा में यह दृश्य इतना वास्तविक है कि दर्शक भी उस दर्द को महसूस कर लेता है।
जब मां जमीन पर गिरकर रोती है और बच्चा चुपचाप उसे देखता है, तो लगता है जैसे वह सब कुछ समझ गया हो। पहला प्यार, आखिरी अलविदा में यह दृश्य इतना भावुक है कि आंखें नम हो जाती हैं। बच्चे की चुप्पी सबसे ज्यादा बोलती है।