शुरुआत में ही वह फ्रेम देखकर दिल दहल गया। लिसा का आना और फिर वह इनविटेशन कार्ड... सब कुछ इतना तेजी से बदल गया। पहला प्यार, आखिरी अलविदा की कहानी में यह मोड़ बहुत इमोशनल है। उसकी आंखों में जो उदासी थी, वो शब्दों से बयां नहीं हो सकती। नेटशॉर्ट पर ऐसे सीन देखकर रूह कांप जाती है।
लिसा अब सिर्फ एक गर्लफ्रेंड नहीं, बल्कि एक पावरफुल प्रोफेसर बन चुकी है। वह इनविटेशन कार्ड दिखाकर जिस तरह से उसकी आंखों में देखती है, लगता है जैसे वह कह रही हो कि अब मैं बदल चुकी हूं। पहला प्यार, आखिरी अलविदा में यह ट्रांसफॉर्मेशन बहुत शानदार है। उसका कॉन्फिडेंस देखकर मजा आ गया।
फाउंडेशन हॉल में वह तीन लड़कियों की बातचीत देखकर लगा कि दुनिया कितनी छोटी है। लिसा की सफलता से कुछ लोग जल रहे हैं, यह साफ दिख रहा था। पहला प्यार, आखिरी अलविदा के इस सीन में डायलॉग बहुत शार्प थे। नेटशॉर्ट ऐप पर यह सीरीज देखना मेरा नया शौक बन गया है, हर एपिसोड में नया ट्विस्ट है।
लिसा जब उस सफेद सूट में मंच पर खड़ी हुई, तो पूरा माहौल बदल गया। प्रेस वालों के सवालों का जवाब वह जिस तरह से दे रही थी, काबिले तारीफ है। पहला प्यार, आखिरी अलविदा में यह सीन हाईलाइट है। उसकी पर्सनालिटी अब बिल्कुल प्रोफेशनल लग रही है, पुरानी यादें अब पीछे छूट गई हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस का सीन बहुत रियलिस्टिक लगा। कैमरे की फ्लैश और सवालों की बौछार के बीच लिसा का शांत रहना उसकी ताकत को दिखाता है। पहला प्यार, आखिरी अलविदा की कहानी में यह हिस्सा बहुत अहम है। नेटशॉर्ट पर क्वालिटी कंटेंट मिलना अब आम बात हो गई है, यह सीरीज उसका बेहतरीन उदाहरण है।