लूका का अंदाज देखकर ही पता चलता है कि वो कितना अमीर है। वहां नोटों की बारिश करना आम बात नहीं है। इसा की हैरानी देखकर लगता है कि उसे इस सबकी उम्मीद नहीं थी। झूठी कसम, सच्ची लगन में ऐसे दृश्य देखकर मजा आ गया। काश हमारी जिंदगी में भी ऐसा कोई पल आए जब चारों तरफ खुशियां ही खुशियां हों।
बिस्तर से उठते ही शादी का प्रमाण पत्र देखना किसी बुरे सपने से कम नहीं है। लूका का गुस्सा साफ दिख रहा था। मैगी की चालाकी ने सब बदल दिया। झूठी कसम, सच्ची लगन की कहानी में यह मोड़ सबसे बेहतरीन लगा। मां की जिद के आगे बेटे की क्या चलती है, यह सबको पता है।
पादरी के सामने इसा का डरना बता रहा है कि कुछ गड़बड़ जरूर है। शायद उसे भी सब कुछ याद नहीं है। उस बेघर आदमी का आना और फिर पादरी की चुप्पी सब कुछ संदेह के घेरे में ला खड़ा करता है। झूठी कसम, सच्ची लगन में हर मोड़ पर नया सवाल खड़ा हो जाता है। देखने वालों की सांसें थम सी जाती हैं।
लूका की गाड़ी और इसा का हाथ में प्रमाण पत्र लिए खड़ा होना। दोनों के बीच की दूरी और नजरों का टकराव कहानी का अगला मोड़ तय करेगा। क्या वो उसे पहचान पाएगा? झूठी कसम, सच्ची लगन में प्रेम और नाटक का ऐसा मिश्रण देखने को मिलता है जो दिल को छू ले। बस यही उम्मीद है कि दोनों फिर से मिलें।
मैगी का फोन पर बात करना और फिर बेटे को प्रमाण पत्र दिखाना। उसकी मुस्कान में एक अलग ही चमक थी। उसे पता था कि लूका क्या सोच रहा है। झूठी कसम, सच्ची लगन में किरदारों की गहराई बहुत अच्छे से दिखाई गई है। बुजुर्गों के फैसले अक्सर हमारी जिंदगी बदल देते हैं। यह कहानी भी उसी का उदाहरण है।
इसा के चेहरे पर जो घबराहट थी, वो शब्दों में बयां नहीं की जा सकती। फूलों वाली पोशाक में वो बहुत प्यारी लग रही थी, लेकिन उसकी आंखों में डर था। झूठी कसम, सच्ची लगन में भावनाओं को बहुत बारीकी से दिखाया गया है। दर्शक भी उसके साथ खुद को जोड़कर देखते हैं। क्या होगा उसका अंजाम? यह जानने की उत्सुकता बनी रहती है।
क्लब की रोशनी से लेकर चर्च की शांति तक, हर दृश्य बहुत खूबसूरत है। लूका का काला कोट और इसा की सादगी। झूठी कसम, सच्ची लगन की छवियों ने कहानी को और भी रोचक बना दिया है। हर फ्रेम को देखकर लगता है कि कोई चित्र देख रहे हों। इतनी मेहनत से बनाई गई कहानी को हर किसी को देखना चाहिए। सच में बहुत शानदार है।
नशा या साजिश? लूका को कुछ भी याद नहीं है। बेघर आदमी का चर्च में आना कोई संयोग नहीं लग रहा। झूठी कसम, सच्ची लगन में हर भाग के बाद नया रहस्य मिलता है। दर्शक को बांधे रखने की कला इस कहानी में खूब है। अगले भाग का इंतजार बेचैनी से हो रहा है कि आखिर सच्चाई क्या है।
लूका और इसा के बीच का लगाव देखते ही बनता है। भले ही वे अभी एक दूसरे से दूर हैं, लेकिन उनकी नजरें सब कुछ कह रही हैं। झूठी कसम, सच्ची लगन में प्रेम की परिभाषा को नए तरीके से पेश किया गया है। क्या ये दोनों फिर से एक हो पाएंगे? यह सवाल हर दर्शक के मन में है। प्रेमियों के लिए यह कहानी किसी तोहफे से कम नहीं है।
पूरी कहानी को देखकर लगता है कि हम किसी फिल्म का हिस्सा बन गए हैं। अभिनय से लेकर सजावट तक सब कुछ उत्कृष्ट है। झूठी कसम, सच्ची लगन ने मनोरंजन का नया मानक स्थापित किया है। मोबाइल पर ऐसे शो देखना सुकून देता है। अगर आपने अभी तक नहीं देखा है, तो जरूर देखें। यह समय बर्बाद नहीं होने वाला है।