इस कहानी की शुरुआत बहुत रोमांटिक होती है जब दोनों के बीच की दूरियां कम होने लगती हैं। झूठी कसम सच्ची लगन में दिखाया गया प्यार सच्चा लगता है। रात का वो पल जब वे करीब आए, दिल की धड़कनें तेज हो गईं। हर नज़ारा इतना खूबसूरत था कि बस देखते ही रह जाएं। नेटशॉर्ट पर ये सीन देखकर मज़ा आ गया।
सुबह का वो पल जब नायिका की आंख खुली तो उसके चेहरे पर घबराहट साफ़ दिख रही थी। शायद उसे अपनी गलती का अहसास हुआ होगा। वह जल्दी से कपड़े पहनकर वहां से भाग निकली। यह डर कि कोई उन्हें देख न ले, कहानी में रोमांच बढ़ाता है। झूठी कसम सच्ची लगन का यह मोड़ बहुत ही दिलचस्प लगा।
नायक जब बिस्तर से उठा तो उसके चेहरे पर हैरानी थी। उसे समझ नहीं आ रहा था कि वह अचानक कहां चली गई। कमरे में सन्नाटा था बस खिड़की से आती धूप दिखाई दे रही थी। इस खामोशी ने कहानी को और गहरा बना दिया। मुझे यह सस्पेंस बहुत पसंद आया जो झूठी कसम सच्ची लगन में बनाया गया है।
बुजुर्ग महिला का एंट्री लेना कहानी में एक नया मोड़ ले आया। वह नायक के पास आई और कुछ बात करने लगी। उनके बीच का संवाद बहुत महत्वपूर्ण लग रहा था। शायद वह उसकी दादी या माँ हो सकती हैं। परिवार की पृष्ठभूमि अब सामने आने वाली है। झूठी कसम सच्ची लगन में अब क्या होगा देखना बाकी है।
एनिमेशन की गुणवत्ता बहुत ही शानदार है। हर फ्रेम में इतनी बारीकी से काम किया गया है कि पात्र जीवंत लगते हैं। रोशनी और छाया का खेल देखने लायक है। रात के शहर का नज़ारा पीछे बहुत सुंदर लग रहा था। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे दृश्य देखकर खुशी होती है। झूठी कसम सच्ची लगन की प्रस्तुति बेमिसाल है।