इस नाटक का हर पल दिल को छू लेता है और आंखें नम कर देता है। हरे रंग की पोशाक वाली लड़की की आंखों में आंसू देखकर बहुत बुरा लगा। दादी मां की बीमारी ने सब कुछ बदल दिया है। झूठी कसम, सच्ची लगन कहानी में ऐसा मोड़ आया कि मैं हैरान रह गई। नर्स का चेहरा भी कुछ छिपा रहा था जो शक पैदा करता है। अगली कड़ी कब आएगी इसका इंतजार नहीं हो रहा।
काले सूट वाली औरत बहुत खतरनाक और सख्त लग रही हैं। वो सब कुछ अपने नियंत्रण में रख रही हैं, शायद पैसे के लिए। युवा लड़की बेचारी इस जाल में फंस गई है। झूठी कसम, सच्ची लगन में परिवार की राजनीति बहुत असली लगती है। अस्पताल का माहौल तनाव को और बढ़ा रहा है। वो आदमी फोन क्यों काट रहा है यह समझ नहीं आया।
सूट पहने हुए व्यक्ति बहुत अमीर लगते हैं पर दिल से ठंडे हैं। उनका फोन कॉल बहुत जरूरी और गंभीर था। क्या वो उसे छोड़ रहे हैं या कोई और बात है। झूठी कसम, सच्ची लगन रहस्य बनाने में माहिर है। अस्पताल के कमरे की रोशनी उदास मूड के लिए बिल्कुल सही थी। मुझे अगला भाग जल्दी देखना है।
नर्स भी बातचीत के दौरान असहज लग रही थी। उसे कुछ पता है जो हमें नहीं बताया गया। बुजुर्ग औरत ने फोन दिखाकर शक किया। झूठी कसम, सच्ची लगन में किरदारों का अभिनय बहुत बारीक है। हरे कपड़े वाली लड़की पर मुझे बहुत तरस आ रहा है। कहानी बहुत गहरी और पेचीदा होती जा रही है।
जब लगा बीमारी की बात है, तब पैसा आ गया बीच में। बुजुर्ग औरत की मुस्कान थोड़ी डरावनी थी। यह श्रृंखला झूठी कसम, सच्ची लगन आश्चर्यों से भरी है। लड़की के आंसू बहुत असली लगे और दिल द्रवित कर दिए। मैं नेटशॉर्ट ऐप पर लगातार देख रही हूं। अधूरा अंत बहुत अच्छा था और सोचने पर मजबूर करता है।