बाथरूम वाला सीन बहुत इंटेंस था। उसकी आंखों में गुस्सा और उसकी आंखों में आंसू देखकर दिल दुख गया। झूठी कसम, सच्ची लगन में भरोसे का टूटना बहुत गहराई से दिखाया गया है। एक्टिंग इतनी असली लगी कि मैं भी रो पड़ी। काश ये सब न होता। कोई गलतफहमी थी क्या?
ऑफिस में रेजिगनेशन लेटर देते वक्त जो चुप्पी थी, वो चीखों से ज्यादा शोर मचा रही थी। झूठी कसम, सच्ची लगन की कहानी में ये मोड़ बहुत जरूरी था। उसने अपनी इज्जत चुनी। मुझे ये डिसीजन बहुत पसंद आया। अब वो आगे क्या करेगी? सबको जानना है।
नीली ड्रेस वाली लेडी की एंट्री ने सब बदल दिया। हीरे जड़े गहने और उसका अंदाज देखकर लगता है खेल बिगड़ने वाला है। झूठी कसम, सच्ची लगन में ये नया किरदार क्या रंग लाएगा? सबकी सांसें रुक गईं। क्या वो विलेन है? मुझे तो शक हो रहा है।
उसके हाथ पर पट्टी देखकर लगा पहले भी कोई लड़ाई हुई होगी। पर क्यों वो अपनी ही लगन को ठेस पहुंचा रहा है? झूठी कसम, सच्ची लगन के किरदार बहुत जटिल हैं। समझ नहीं आ रहा कि वो बुरा है या मजबूर। पता चलना चाहिए। राज खुलने चाहिए।
कपड़ों का चयन कमाल का है। गुलाबी, हरी और फिर नीली साड़ियां हर मूड को दर्शाती हैं। झूठी कसम, सच्ची लगन की विजुअल्स बहुत आकर्षक हैं। नेटशॉर्ट पर देखने का अनुभव भी बहुत अच्छा रहा। क्वालिटी शानदार है। बिल्कुल पैसे वसूल।