जब सफाई कर्मचारी असल में कोई और निकली तो मैं दंग रह गया। मालिक के घाव और उसका दर्द देखकर दिल पिघल गया। झूठी कसम, सच्ची लगन में ऐसा मोड़ उम्मीद नहीं था। नेटशॉर्ट पर देखने का मज़ा ही अलग है। हर पल नया रहस्य बना रहता है और कहानी में जान है।
मालिक ने मोप पकड़कर जो कार्य किया, हंसी नहीं रुक रही थी। फिर गिरना और उसका संभालना, सब कुछ फिल्मी था। झूठी कसम, सच्ची लगन की कहानी में रोमांस और हास्य का सही मिश्रण है। कैमरा कोण भी बहुत खूबसूरत हैं। नेटशॉर्ट पर दृश्य की स्पष्टता शानदार है।
घुंघट से स्टाइलिश पोशाक तक का सफर जादुई लगा। उसकी आंखों में चमक और आत्मविश्वास देखकर मालिक हैरान रह गया। झूठी कसम, सच्ची लगन में हर दृश्य में नया रंग है। नेटशॉर्ट पर लगातार देखने का मन करता है। कपड़े और सजावट की तारीफ करनी होगी।
सफाई की गाड़ी में छुपा हुआ आभूषण सूची देखकर चौंक गए। क्या वह चोर है या कुछ और? झूठी कसम, सच्ची लगन के कथा में गहराई है। किरदारों के बीच का लगाव लाजवाब है। हर कड़ी के बाद बस यही सोचते हैं कि आगे क्या होगा। रहस्य बना हुआ है।
शुरुआत में मालिक के शरीर पर निशान देखकर दुख हुआ। फिर उसकी मुस्कान ने सब बदल दिया। झूठी कसम, सच्ची लगन में भावनाओं को बहुत बारीकी से दिखाया गया है। नेटशॉर्ट पर गुणवत्ता इतनी अच्छी है कि लगता है सिनेमा हॉल में हूं। दर्द और उम्मीद का संगम है।